संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। अंतर जिला तबादलों के लिए निदेशालय ने एमआईएस पोर्टल पर शिक्षकों व विद्यार्थियों का ब्योरा देने की तिथि बढ़ा दी है। अब स्कूलों को मंगलवार तक अपडेट देना होगा। वहीं समय पर काम पूरा करने पर निदेशालय ने नाराजगी भी जताई है।
निदेशालय की ओर से सभी जिलों के मुखियाओं को 16 जनवरी तक एमआईएस पोर्टल पर डाटा अपडेट करने के आदेश दिए थे। परंतु समय पर यह काम पूरा नहीं हो पाया। जिस पर निदेशालय ने लेटलतीफी को लेकर मुखियाओं से जवाब तलब किया है। निदेशालय की सख्ती के बाद शिक्षक तेजी से इस काम जुट गए हैं।
वहीं शिक्षक इसमें देरी का कारण पोर्टल में खामी बता रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि पोर्टल धीमी चलने के कारण दिक्कत आ रही है। निदेशालय की योजना है कि नए सत्र से पहले स्कूलों में चल रही शिक्षकों की कमी दूर की जाए। जिसके लिए ट्रांसफर ड्राइव चलाई जानी है।
ट्रांसफर ड्राइव के लिए सभी जिलों के स्कूलों से शिक्षकों व विद्यार्थियों का एमआईएस पोर्टल पर ब्योरा मांगा गया है। जिले में लगभग यह काम पूरा चुका है। कुछ स्कूलों में इंटरनेट की समस्या के कारण इसमें देरी हुई है। निदेशालय की योजना के तहत नए सत्र से सभी स्कूलों में शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति की जाए। इसे लेकर विभाग ने काम शुरू कर दिया है।
इसके अंतर्गत शिक्षकों का ट्रांसफर ड्राइव चलाया जाना है। यह ड्राइव मार्च में चलाए जाने की उम्मीद है, ताकि अप्रैल में नए सत्र से सभी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की जा सके और कोई स्कूल शिक्षकहीन न रहे। निदेशालय की ओर से पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के लिए 16 जनवरी तक का समय दिया है।
वहीं 16 जनवरी तक यह काम पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद विभाग ने 21 जनवरी तक डाटा अपडेट करने के आदेश दिए हैं। विभाग की ओर से पिछले साल ट्रांसफर ड्राइव चलाई गई थी, जिसके बाद जिले में शिक्षकों की भारी कमी हो गई थी।
दो दर्जन स्कूलों में नहीं शिक्षक
पिछले साल ट्रांसफर ड्राइवर से करीब 950 शिक्षक दूसरे जिलों में चले गए थे। जबकि यमुनानगर को मात्र 450 शिक्षक मिले थे। जिससे सीधे रूप से 500 शिक्षक कम हो गए थे। इस दौरान करीब दो दर्जन स्कूल शिक्षक हीन हो गए थे। वहीं, जिले के करीब पांच दर्जन स्कूलों में मात्र एक ही शिक्षक रह गया था। शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावकों व सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध में प्रदर्शन भी किए थे। ऐसे में डेपुटेशन से स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई, लेकिन इससे ज्यादा राहत नहीं मिली। वहीं अब इस ड्राइव से जिले में शिक्षकों की कमी दूर होने की संभावना है। उम्मीद है कि ट्रांसफर ड्राइव के बाद जिले को करीब 600 शिक्षक मिल सकते हैं।