यमुनानगर। दीन बंधु सर छाेटूराम थर्मल प्लांट के अंदर लगने वाली नई 800 मेगावाट यूनिट के शिलान्यास में अभी और समय लग सकता है। अभी पब्लिक हेरिंग (जनसुनवाई) और एनवायरमेंटल क्लीयरेंस दो मुख्य प्रक्रियाएं पड़ी हैं, जबकि पब्लिक हेरिंग दो अप्रैल को थर्मल के अंदर डीसी, प्रदूषण बोर्ड और थर्मल प्लांट सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में होगी। जिसमें थर्मल के आसपास के रहने वाले लोगों की राय व समस्याएं जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उसके बाद प्रदूषण बोर्ड रिपोर्ट को डीसी को सौंपेंगे। तब डीसी की अप्रूवल के बाद रिपोर्ट को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। उसके बाद एनवायरमेंटल क्लीयरेंस मिल पाएगी। इसके बाद ही प्लांट के शिलान्यास की तारीख तय होगी। उल्लेखनीय है 6900 करोड़ की लागत से यमुनानगर के दीन बंधु सर छोटूराम थर्मल प्लांट में नई 800 मेगावाट यूनिट स्थापित होगी। जिसे भारत हेवी इलेक्टि्रकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) द्वारा बनाया जाएगा। वहीं यमुनानगर थर्मल के अंदर नई यूनिट लगने के बाद भविष्य में यहां 1400 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो सकेगा। अभी मौजूदा समय में 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
पब्लिक हेरिंग के लिए कराई जाएगी मुनादी
दो अप्रैल को होने वाली पब्लिक हेरिंग के लिए प्रदूषण बोर्ड की तरफ से थर्मल के एरिया में मुनादी भी कराई जाएगी, इसके अलावा लोगों को निमंत्रण भी भेजा जाएगा। इस दौरान लोगों अपनी राय के साथ-साथ अपनी आपत्ति भी दर्ज करा सकता है। बता दें लगने वाली नई 800 मेगावाट यूनिट पूरी तरह से अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल एक्सपेंशन (प्रदूषण मुक्त) होगा। जिसमें आधुनिक तकनीक से लैस सुविधाएं होंगी। प्लांट पूरी तरह से स्वदेशी होगा। खास बात ये रहेगी नई यूनिट का काम शुरू होने के बाद 48 माह के भीतर बिजली उत्पादन की संभावना रहेगी। और यह प्लांट कम खपत में अधिक बिजली का उत्पादन देगा।
अभी इस तरह से हो रहा बिजली उत्पादन
बात करें तो अभी यहां 600 मेगावाट की यूनिट लगी है। इसमें कॉल हैंडिंग प्लांट (सीएचपी) का मुख्य रोल होता है। इस प्लांट में ट्रेन से कोयला अंदर तक आता है। उसे पीस कर राख को बायलर तक आता है। इसके बाद अगली प्रक्रिया के तहत ट्रिब्यून तक पहुंचा जाता है उसके बाद बिजली का उत्पादन होता है और रोजाना करीब पांच करोड़ का बिजली उत्पादन होता है।
दो अप्रैल को पब्लिक हेरिंग होनी है। इसमें थर्मल के आसपास के ग्रामीणों को न्योता दिया जाएगा। बकायदा इसके लिए मुनादी भी कराई जाएगी। इस दौरान लगने वाली नई यूनिट को लेकर लोगों की राय व समस्याएं पर चर्चा होगी। उसके बाद रिपोर्ट को डीसी साहब को सौंपा जाएगा। उनकी अप्रूवल मिलने के बाद सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी, तब एनवायरमेंटल क्लीयरेंस का प्रोसेस शुरू होगा।
-विरेंद्र पूनिया, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण बोर्ड यमुनानगर।