रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने शुक्रवार को जगाधरी अनाजमंडी का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण धान की बेकद्री हो रही है और किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस राज में बारीक धान के किसानों को तीन हजार से 3500 रुपये तक दाम दिए थे। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। धान के साथ-साथ पॉप्लर और अन्य फसलों के भी किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि किसानों की अनदेखी किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी। सांसद ने पत्रकार वार्ता भी की। इस अवसर पर रामचंद्र बिडला, राजकुमार त्यागी, गुरदयाल पुरी, सुभाष चौधरी, डॉ. कृष्णा पंडित, उदयवीर सिंह सोनू, भोपाल भाटी, रामेश्वर लाल, राजकुमार खुर्दबन, सुरेश खुर्दबन, सुरेश शर्मा, मकसूद अहमद, अशरफ अली, जगबीर सिंह, नरपाल भंभौली, धर्मबीर, अजय रूहलाखेड़ी, जयसिंह ढिल्लो, जसविंदर हरिपुर, बिट्टू ससौली, मनीष शेरपुर, धर्मसिंह पिंकी मौजूद रहे।
सुनपेड़ मामले में सीएम और वीके सिंह को घेरा
पत्रकारों से बातचीत में दीपेंद्र ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। सांसद ने कहा कि पहले प्रदेश विकास के रास्ते पर तेजी से चल रहा था, लेकिन अब बीजेपी सरकार ने विकास के मामले में गतिरोधक लगाने का काम किया है। प्रदेश में लगातार कानून व्यवस्था बिगड़ रही है। सुनपेड़ मामले में जरनल वीके सिंह द्वारा दिए गए बयान पर सांसद ने कहा कि आज बीजेपी का हर नेता असंवेदनशील बयान दे रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सीएम ने भी इसी प्रकार का विवादित बयान दिया था। अब केंद्रीय मंत्री भी गैर जिम्मेदाराना और निंदनीय बयान दे रहे हैं। सीएम द्वारा सुनपेड़ और गोहाना में हुई वारदात को छोटी-मोटी वारदात कहने पर दीपेंद्र ने कहा कि यदि यह छोटी-मोटी वारदात थी तो सीएम ने इसकी सीबीआई जांच के आदेश क्यों दिए।