यमुनानगर। एनडीपीएस एक्ट के केस से नाम निकलवाने के लिए 1.40 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए करनाल के गांव जडौली निवासी इस्लाम खान को एंटी करप्शन ब्यूराे की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। आरोपी इस्लाम हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स ब्यूरो में तैनात अपने भाई ईएसआई महबूब अली और एक अन्य एएसआई पवन के कहने पर रिश्वत के पैसे लेने पांजूपुर में फर्नीचर की दुकान पर गया था, जहां विजिलेंस की टीम ने उसे काबू कर लिया।
विजिलेंस के इंस्पेक्टर सुरेश ने बताया कि हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के एएसआई पवन की शिकायत पर एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज हुआ था। इस केस में सहारनपुर के गांव बादीमाजरा निवासी बिलाल को भी आरोपी बनाया गया था, जो टैक्सी ड्राइवर है। इस केस से उसका नाम निकलवाने के लिए दोनों आरोपी बिलाल से ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। बाद में एक लाख 40 हजार रुपये में बात तय हुई थी। इसके बाद बिलाल ने इस संबंध में एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी, जिसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। आरोपी ने बिलाल को फोन किया, तब उसने कहा वह लाडवा आढ़ती के पास है। इसके बाद उसे कुंजपुरा मिलने के लिए कहा। यहां पर वह खुद नहीं गए। महबूब अली ने अपने भाई इस्लाम को कुंजपुरा भेजकर बिलाल से मिलने के लिए कहा। इसी दौरान विजिलेंस की टीम ने इस्लाम को दबोच लिया। उसके पास से रिश्वत के 1.40 लाख रुपये बरामद किए गए, जिसमें 280, 500-500 के नोट थे। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर टीम अपने साथ कार्यालय ले आई। उधर आरोपी ईएसआई महबूब अली और एएसआई पवन दोनों मौके से फरार हैं जिनकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।