संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आमतौर पर पुलिस को क्रूर व बुरा समझाता जा है, लेकिन कोरोना काल में पुलिस का मानवीय चेहरा भी लोगों को देखने को मिला है। ऐसी ही मिसाल गांधी नगर थाना तैनात एएसआई वीरेंद्र सिंह और उनकी टीम ने पेश की है। टीम को जब नहर किनारे मिले किशोर का शव बिना एंबुलेंस का इंतजार किए पुलिस कर्मी उसे जिप्सी में रखकर सिविल अस्पताल पहुंचे। पुलिस के इस प्रयास को देखकर सभी हैरत में पड़ गए। सभी पुलिस कर्मचारियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करने लगे। यह वाकया जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लाइक और कमेंट की झड़ी लग गई। हर कोई इन पुलिस वालों की तारीफ करने लगा।
हुआ यूं कि थाना गांधी नगर तैनात एएसआई वीरेंद्र सिंह की जिप्सी पर ड्यूटी थी। इस दौरान जम्मू कालोनी नहर मेंएक किशोर के बेसुध पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली। इस पर थाना प्रभारी जगबीर सिंह, एएसआई वीरेंद्र, एचसी विजय सिंह व चालक जिप्सी से मौके पर पहुंचे। यहां उन्होंने देखा वह जोगिंद्र नगर निवासी 14 वर्षीय प्रिंस है, जो नहर में नहाते समय डूब गया था। प्रिंस की सांस नहीं चल रही थी। इस पर एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने देर नहीं की। उन्होंने अपने एक साथी को वहीं पश्चिमी यमुनानगर पर छोड़ दिया और किशोर का शव जिप्सी में रखकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी पहुंच गए।
इस दौरान पुलिस कर्मी नहर से जम्मू कालोनी की गलियों से होता हुआ पैदल स्टेट हाईवे तक आया। मोर्चरी में शव रखने से पहले अस्पताल कर्मी ने कहा कि पहले चिकित्सक से जांच करवा कर मौत की पुष्टि करवाकर लाए, उसके बाद ही मोर्चरी पर शव रखा जाएगा। इसके बाद फिर पुलिस ने शव जिप्सी में रखा और ट्रामा सेंटर पहुंचे और शव उतार कर चिकित्सक से मृत्यु की पुष्टि करवाई। इस दौरान अस्पताल में कोई एंबुलेंस नहीं खड़ी थी।
एक बार फिर पुलिस ने शव जिप्सी में रखकर मोर्चरी तक पहुंचाया। इस तरह किशोर का शव उठाकर लाने पर लोगों को हैरानी भी हुई, लेकिन खुशी भी हुई। चूंकि वह पुलिस का एक मानवीय चेहरा देख रहे थे। लोगों ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल किया, जो तेजी से शेयर होने लगा। लोगों ने इन सभी पुलिस कर्मचारियों का दिल से धन्यवाद किया। लोगों ने कहा कि इन कर्मचारियों ने हरियाणा पुलिस के नारे सेवा सुरक्षा सहयोग का अर्थ सत्य कर दिया।