संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लघु सचिवालय के सभागार में मंगलवार को नशा मुक्ति अभियान को लेकर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में कई एनजीओ के पदाधिकारी और समाजसेवी पहुंचे। इस दौरान 14 ऐसे लोग पहुंचे जोकि नशे की चपेट में आ चुके हैं और वे नशे की लत को छोड़ना चाहते हैं। सभी की काउंसलिंग के बाद सिविल अस्पताल में उन्हें ले जाया गया। कुल 33 लोगों को नशा छोड़ने के लिए इलाज करवाया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि आईजी अंबाला रेंज भारती अरोड़ा के दिशा निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अब तक ऐसे 33 लोगों का इलाज शुरू करा चुकी है, जोकि नशे के आदी हो चुके थे। इनमें से ज्यादातर ने अब नशा लेना बिल्कुल बंद कर दिया है। समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। समय-समय पर उनकी प्रतिक्रिया ली जाती है।
पुलिस अधीक्षक गोयल ने कहा कि अगर कोई दवा सिविल अस्पताल से नहीं मिल पाती तो उसे बाहर से मार्केट से लेने पर जो भी खर्च आएगा वह पुलिस देगी। इस अभियान को नशा मुक्ति तक चलाया जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि अगर कोई नशा छोड़ना चाहता है तो वह उनके कार्यालय में आकर उन्हें मिल सकता है।
वहीं पुलिस की ओर से इसको लेकर एक हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया गया है। उस पर भी कॉल कर सकते हैं। पुलिस अधीक्षक ने हेल्प लाइन पर तैनात पुलिसकर्मियों को सर्तक रह कर अपने कर्तव्य पालन करने के निर्देश दिए गए। अगर किसी तरह की लापरवाही होती तो एक्शन होगा। मौके पर डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाषचंद, नशा मुक्ति अभियान के जिला को-आर्डीनेटर एडवोकेट सुशील आर्य, शालू चौहान, सुरेंद्र मदान, शशि गुप्ता, रमेश मंगा, अजय रॉय समेत अन्य मौजूद रहे।
दिवाली साथ मिलकर मनाएंगे
पुलिस अधीक्षक गोयल ने कहा कि जो लोग भी हमारी मुहिम से जुड़ रहे हैं अब उन्हें पुलिस अपने परिवार के सदस्य की तरह मानेंगी। कुछ दिनों बाद दिवाली का त्योहार आ रहा है। इस त्योहार पर इन सभी लोगों को बुलाया जाएगा। इनके साथ मिलकर दिवाली मनाएंगे। वहीं जो युवा नशा छोड़ चुके हैं उनकी कहानी दूसरी युवाओं के सामने रखेंगे ताकि वे उनसे सीखकर नशा छोड़ दें।
महिलाएं भी अब करने लगी नशा
बैठक में पहुंचे पुराना हमीदा निवासी व्यक्ति ने बताया कि शहर में कुछ महिलाएं भी अब नशे की चपेट में आ गई है। वे स्मैक का नशा करती हैं। इस पर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि इन महिलाओं की पहचान की जाएगी और इलाज कराकर उनका नशा छुड़ाने का प्रयास किया जाएगा।