संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शराब गोदाम पर फायरिंग की वारदात से एक बार फिर यमुनानगर जिला चर्चाओं में है। यमुनानगर पुलिस तमाम प्रयास के बावजूद भी गैंगस्टर नोनी राणा का वर्चस्व नहीं तोड़ पा रही। एक के बाद एक कई वारदातों में नोनी राणा का नाम सामने आ चुका है। जिस कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पिछले करीब तीन माह यमुनानगर पुलिस के लिए खासे चुनौती पूर्ण रहे हैं। नवंबर माह में रादौर के खेड़ी लक्खा सिंह में हुई गैंगवार में तीन युवकों की हत्या के बाद जिला प्रदेशभर में चर्चाओं में रहा था। पांच शूटरों ने 80 से अधिक राउंड फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। वारदात को अंजाम देने की जिम्मेदारी गैंगस्टर नोनी राणा ने ली थी।
इसके बाद पुलिस ने शूटरों की गिरफ्तारी के काफी प्रयास किए। 11 सहयोगियों को भी काबू किया। गोली चलाने वाले शूटरों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई थी। इसके बाद जिले में रंगदारी के भी कई मामले आए। इनमें से ज्यादातर में नोनी राणा का नाम सामने आया था।
छह फरवरी को शहर की कालिंदी कालोनी में कारोबारी के आवास पर फायरिंग में भी नोनी राणा का नाम ही सामने आया था। अब शराब के गोदाम पर फायरिंग में भी नोनी राणा का नाम सामने आया है। इसके बावजूद भी पुलिस नोनी राणा गैंग का वर्चस्व तोड़ने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है।