संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दुसानी गांव में पकड़े गए यूरिया के अवैध गोदाम की जांच अभी तक आगे नहीं बढ़ पाई है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने थाने में केस दर्ज करवा कर अपना काम पूरा कर लिया। पुलिस अभी तक मामले में दोनों नामजद आरोपियों को भी नहीं पकड़ सकी है। ऐसे में मामले में यूरिया की तस्करी से संबंधित अन्य परतें तो खुलना बाद की बात है।
थाना सदर यमुनानगर पुलिस ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग जगाधरी के एसडीओ अजय कुमार की शिकायत पर 30 अगस्त को मैं. सिंह फर्टिलाइजर कंपनी दुसानी के प्रोपराइटर मोनू चौहान व गोदाम के मालिक विरेंद्र सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। परंतु पांच दिन बीतने पर भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस का दावा है कि दोनों की गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी गई, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सके। जांच में सामने आया है कि मोनू चौहान ने विरेंद्र सिंह से यूरिया रखने के लिए जो दुकानें किराये पर ली थी उनका रेंट एग्रीमेंट कई माह पूर्व खत्म हो गया था। इतना ही नहीं एग्रीमेंट सामने की दो दुकानों का था, लेकिन यूरिया पीछे बने गोदाम में पाया गया।
दुसानी में कृषि ग्रेड यूरिया के 876 कट्टे कृषि विभाग की टीम ने बरामद किए थे। ऐसा पहली बार सामने आया था कि कृषि ग्रेड यूरिया के गोदाम में नमक व तकनीकी ग्रेड यूरिया के खाली कट्टे भी मिले हों। गोदाम में स्पेशल श्याम नमक के 500 खाली कट्टे मिले है। शक है कि नमक व तकनीकी ग्रेड के खाली कट्टों में कृषि ग्रेड यूरिया को भर कर तस्करी किया जाता था।
बताया जा रहा है कि नमक के खाली कट्टों की छपाई साथ लगते राज्य उत्तर प्रदेश में होती है। वहीं से कट्टे लाए जाते थे। इसके बाद इनमें यूरिया भर कर सप्लाई किया जाता था। गोदामों में नमक के कट्टे मिलने से कृषि विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए थे। गोदाम से जो 876 बैग यूरिया के मिले थे वह आरसीएफ कंपनी के हैं।
जिस नाम से फर्म बनाई गई थी उसने विभाग से खाद बिक्री का लाइसेंस नहीं ले रखा है। गोदाम में कृषि ग्रेड यूरिया के विभिन्न कंपनियों के 270 खाली बैग भी मिले थे। साथ ही गोदाम से जीएनएफसी मार्का के तकनीकी ग्रेड यूरिया के नए खाली 1100 कट्टे भी मिले थे। जबकि तकनीकी ग्रेड यूरिया व कृषि यूरिया को एक साथ नहीं रखा जा सकता।
पुलिस ने खजूरी रोड से पकड़ा यूरिया से भरा ट्रक
थाना सदर यमुनानगर पुलिस ने खजूरी रोड से यूरिया से भरा एक ट्रक पकड़ा। इस ट्रक में कृषि ग्रेड यूरिया था। पुलिस को शक था कि कहीं इस यूरिया की फैक्टरियों में तस्करी तो नहीं हो रही इसलिए इसे पकड़ कर थाने में ले जाया गया। पुलिस ने ट्रक चालक से की गई पूछताछ के आधार पर यूरिया मंगाने वाले लोगों से संपर्क किया गया। जांच के दौरान कृषि ग्रेड यूरिया की सप्लाई वैध पाई गई। इस पर उसे छोड़ दिया गया।
मोनू चौहान व विरेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं खजूरी रोड पर यूरिया से भरा जो ट्रक पकड़ा था, उसके दस्तावेज सही पाए गए, इसलिए उसे छोड़ दिया गया। -केवल सिंह, एसएचओ थाना सदर यमुनानगर।