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Yamuna Nagar News: बैंक रिकॉर्ड और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही पुलिस

Sun, 15 Mar 2026 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। आबकारी विभाग से जुड़े 90 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस बैंक रिकॉर्ड, संबंधित कर्मचारियों और पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है। इस मामले में आबकारी निरीक्षक मोहन सिंह राणा की शिकायत पर थाना शहर जगाधरी में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के तहत केस दर्ज किया गया है।
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आबकारी निरीक्षक मोहन सिंह राणा की शिकायत के अनुसार मैसर्स एस.एम. वाइन की ओर से एल-1 लाइसेंस से जुड़े ब्रीच केस में 90 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट विभाग में जमा कराया गया था।
विभागीय रिकॉर्ड में इसे 2 दिसंबर 2023 को जीआरएन के माध्यम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, लघु सचिवालय जगाधरी में सरकारी खाते में जमा दिखाया गया था।विभागीय जांच में सामने आया कि उक्त ड्राफ्ट वास्तव में सरकारी खजाने में जमा ही नहीं हुआ।
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जांच के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से मिली जानकारी में बताया गया कि ड्राफ्ट को चालान में त्रुटि ठीक कराने के नाम पर वापस ले लिया गया था। वहीं आईसीआईसीआई बैंक ने स्पष्ट किया कि 4 दिसंबर 2023 को ड्राफ्ट रद्द कर 90 लाख रुपये की राशि फर्म के खाते में वापस जमा कर दी गई।
मामले के सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने संबंधित बैंक और फर्म को नोटिस जारी कर राशि सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही इस पूरे प्रकरण में बैंक कर्मचारियों की भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले में सभी संबंधित पक्षों से रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संवाद
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