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Yamuna Nagar News: रोडवेज बस सेवा से वंचित हैं 48 गांव

Sun, 15 Mar 2026 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। जिले की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उसी रफ्तार से नहीं बढ़ पाई। यमुनानगर रोडवेज डिपो में बसों की संख्या कम होने के कारण 60 गांवों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि जहां जिले की जरूरत के हिसाब से करीब 300 बसें होनी चाहिए, वहीं डिपो में उपलब्ध बसों की संख्या इससे काफी कम है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार यमुनानगर रोडवेज डिपो का स्वीकृत फ्लीट 265 बसों का है, लेकिन मौजूदा समय में डिपो के पास करीब 160 बसें ही उपलब्ध हैं। इनमें से भी रोजाना लगभग 150 बसें ही ऑनरूट चल पाती हैं। शेष बसें मरम्मत या अन्य कारणों से खड़ी रहती हैं। अधिकारियों के मुताबिक ऑनरूट बसों में भी करीब 15 प्रतिशत बसें ऐसी हैं जिन्हें जल्द मरम्मत की जरूरत है।
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बसों की कमी का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। कई रूटों पर बसों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कुछ रूट ऐसे भी हैं जहां बस सेवा पूरी तरह से नियमित नहीं हो पा रही। जिले में अभी भी करीब 60 गांव ऐसे हैं जहां हरियाणा रोडवेज की बस सेवा नहीं पहुंच पाई है। बताया जा रहा है विभाग की ओर से कई बार मुख्यालय को बसों की संख्या बढ़ाने के लिए पत्राचार किया जा चुका है। यदि बसों की संख्या बढ़े तो यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी और डिपो का राजस्व भी बढ़ेगा। वर्तमान में डिपो को रोजाना करीब 13 से 14 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है। हालांकि बसों की कमी के कारण कई संभावित रूटों पर सेवा शुरू नहीं हो पा रही, जिससे यात्रियों की संख्या भी प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा फकीर माजरा, शाहबुद्दीनपुर, सिपियों वाला, जांटावाला, डाकवाला, कोट मुकारबपुर, बनसतौर और ताहरपुर कला जैसे गांवों में यात्रियों की संख्या कम बताई गई है।इसके अलावा भूड़ माजरा, कोहलीवाला, डांडिपुर, बल्लेवाला, कन्हैयावाला, हसनपुर, बिचपड़ी और दड़वा सहित कई गांवों में सड़कें संकरी होने के कारण बसों का संचालन संभव नहीं हो पा रहा।
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उधर, रोडवेज के महाप्रबंधक संजय रावल का कहना है कि डिपो में बसों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। विभाग की तरफ से मुख्यालय में बसों की डिमांड के बारे में अवगत कराया जा चुका है। विभाग का प्रयास है कि भविष्य में बसों की संख्या बढ़ाकर अधिक से अधिक क्षेत्रों तक बस सेवा पहुंचाई जाए।
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