मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल में अब सस्ती दवाइयों का प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र भी खोला जाएगा। जन औषधी केंद्र से मरीज तब दवाई खरीद सकेंगे यदि किसी कारण वश उन्हें अस्पताल से मुफ्त दवाई नहीं मिलती। वहीं जिन लोगों का उपचार अस्पताल में नहीं चल रहा है वह भी बाहर से आकर जन औषधी केंद्र से दवाइयां खरीद सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक की तरफ से इस बारे में सिविल सर्जन व पीएमओ को पत्र जारी करके जिला सिविल अस्पताल में जन औषधी केंद्र के लिए जगह चयनित करने को कहा है। माना जा रहा है कि नीकु वार्ड के पुराने भवन में जन औषधी केंद्र खोला जा सकता है।
मुकंद लाल जिला अस्पताल का जब से नया भवन बना है तब से इसमें मरीजों की ओपीडी तीन गुणा तक बढ़ गई है। रोजाना अस्पताल से दो से ढाई हजार लोग अपने उपचार के लिए आते हैं। कई बार ऐसा होता है वेयरहाउस से समय पर दवाइयां नहीं मिलती। इसके अलावा बजट मिलने में देरी होने के कारण भी दवाइयां खरीदने में देरी हो जाती है। जिससे सिविल अस्पताल से मरीजों को सभी दवाइयां नहीं मिल पाती। मजबूरी में मरीजों को बाजार में मेडिकल स्टोर से महंगी कीमत पर दवाइयां खरीदनी पड़ती है।
जन औषधी केंद्रों में करीब 1800 प्रकार की दवाइयां और 285 मेडिकल डिवाइस रखे जाते हैं। सबसे खास बात ये है कि ब्रांडेड दवाइयों की तुलना में जन औषधि केंद्रों पर 50 से 90 फीसद तक कम कीमत पर दवाएं मिल जाती हैं। बाजार में मेडिकल स्टोर पर जो दवाई 100 रुपये की है वह जन औषधी केंद्र पर 20 से 40 रुपये में मिल जाती है। इनका फायदा सबसे ज्यादा उन मरीजों काे होगा जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
जन औषधी केंद्र प्रदेश के सभी 22 जिला सिविल अस्पतालों और सब डिवीजन अस्पताल अंबाला कैंट, बहादुरगढ़ और गुरुग्राम में खोले जाएंगे। इन औषधी केंद्रों का संचालन सभी सिविल अस्पतालों की चीफ फॉर्मेसी ऑफिसर करेंगी। जेनेरिक दवाओं की क्वालिटी ब्रांडेड दवाओं की तरह ही होती है।
जिला सिविल अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र खोला जाएगा। जिससे लोगों को सस्ती दर पर दवाइयां उपलब्ध होंगी। इसके लिए जगह चयनित की जा रही है। जन औषधी केंद्र पर अच्छी क्वालिटी की दवाई कम कीमत पर उपलब्ध होंगी।
- जेनेरिक दवा ब्रांडेड दवाओं से सस्ती होती हैं।
- जेनेरिक दवाएं सीधे खरीदार तक पहुंचती हैं।
- सरकार इन दवाओं की कीमत खुद तय करती है।
- जेनेरिक दवाओं का असर, डोज और इफेक्ट्स ब्रांडेड दवाओं की तरह ही होते हैं।