संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिलास्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों को मिलने वाली इनाम राशि और शील्ड बंद होने से खिलाड़ियों का रुझान घटने लगा है। इसका असर जिलास्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में भी देखने को मिला। प्रतियोगिता में अपेक्षा से काफी कम खिलाड़ी पहुंचे।
लड़कियों के वर्ग में केवल 25 आवेदन आए। इनमें से सात खिलाड़ियों का चयन राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा। पहले जिलास्तर पर खिलाड़ियों को 2,100, द्वितीय पर 1700 और तृतीय पर 1,500 रुपये दिए जाते थे। खिलाड़ियों के अनुसार सरकार ने करीब दो वर्ष पहले जिलास्तरीय प्रतियोगिताओं में विजेताओं को मिलने वाली इनाम राशि बंद कर दी थी।
इसके बाद खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए दी जाने वाली शील्ड भी बंद कर दी गई। इससे खिलाड़ियों को मिलने वाला प्रोत्साहन कम हुआ है। खिलाड़ियों का कहना है कि जिलास्तर पर मेहनत कर पदक जीतने के बावजूद कोई प्रोत्साहन नहीं मिलने से प्रतियोगिताओं में भाग लेने के प्रति रुचि घट रही है।
खिलाड़ी कार्तिक, प्रिंस, आयुष, कृष ने कहा कि सरकार को जिलास्तरीय प्रतियोगिताओं में विजेताओं के लिए इनाम राशि दोबारा शुरू करनी चाहिए। इनाम राशि से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता है और राशि अभ्यास के अन्य कार्यों में काम आती है। इसके अलावा विजेताओं सहित अन्य प्रतिभागियों को भी शील्ड देनी चाहिए। इससे विद्यार्थी व युवा भी खेलों की आकर्षित होंगे और खेलों को बढ़ावा मिलेगा।
राज्यस्तरीय ट्रायल पर ही ध्यान
इनाम राशि बंद होने के बाद कई खिलाड़ी जिलास्तरीय प्रतियोगिताओं के बजाय राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं के ट्रायल में भाग लेने को प्राथमिकता दे रहे हैं। खिलाड़ियों का मानना है कि जिलास्तर पर मिलने वाला सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। सरकार ने राज्यस्तरीय प्रतियोगिता की इनाम राशि बढ़ा दी है। प्रथम स्थान पर 21,000, द्वितीय पर 11,000 और तृतीय स्थान पर 5,100 इनाम राशि कर दी है। पहले यह अधिकतम दस हजार थी।
दो वर्ष से इनाम राशि नहीं आ रही है। राज्यस्तर पर इनाम राशि बढ़ा दी गई है। इससे खिलाड़ियों को काफी फायदा होगा। इनाम की राशि तय सरकार व निदेशालय से की जाती है। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।