फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिलचिलाती धूप में लगाई कक्षा

Sat, 24 May 2014 11:53 PM IST
यमुनानगर
विज्ञापन
विज्ञापन
लेबर कॉलोनी के राजकीय माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थियों और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) सदस्यों ने शनिवार को स्कूल मुख्याध्यापिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्कूल में करीब तीन घंटे तक चले हाईटेक ड्रामे के दौरान स्टाफ और विद्यार्थियों ने मुख्याध्यापिका पर गंभीर आरोप लगाए।
विज्ञापन


स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि मुख्याध्यापिका उन्हें मानसिक रूप प्रताड़ित कर रही है, जबकि बच्चों का आरोप है कि उन्हें मजबूरन धूप में बैठाया जा रहा है। वहीं स्कूल की मुख्याध्यापिका भावना ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मामले की गंभीरता के मद्देनजर सेक्टर-17 के चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह ने स्कूल में पहुुंच कर स्थिति का जायजा लिया तथा दोनों पक्षों को शांत किया।

स्कूल मैनेजमेंट कमेटी प्रधान कमलेश, सदस्य चंद्रप्रकाश, माया, सुषमा, अभिभावक सविता और मालती ने बताया कि  शनिवार को उन्हें बैठक के लिए बुलाया गया था। जब वे स्कूल में पहुंचें तो उन्हें दो कक्षाएं कमरों के अंदर तथा एक बाहर बैठी मिलीं।
विज्ञापन


जब स्कूल की मुख्याध्यापिका भावना से इसका कारण पूछा, तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और खुद भी कुर्सी बिछाकर धूप में बैठ गई। इसके बाद मुख्याध्यापिका का पति जयकुमार जो एक सरकारी स्कूल में प्राध्यापक है, वह भी मौके पर पहुंच गया।

विद्यार्थियों ने लगाया धूप में बैठाने का आरोप
विद्यार्थियों ने स्कूल की मुख्याध्यापिका पर उन्हें धूप में बैठाने का आरोप लगाया है। शनिवार को करीब साढे़ 12 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक छठी, सातवीं तथा आठवीं कक्षा के विद्यार्थी भी धूप में बैठे रहे। स्कूली छात्र नेहा, रवि, रोहित, राहुल, असलम, सविता, सपना, हरमिंद्र, आकाश, गरिमा, अनु व अन्य ने आरोप लगाया कि  मुख्याध्यापिका भावना द्वारा उन्हें रोजाना धूप में बैठाया जा रहा है, जिस कारण कई विद्यार्थी बीमार पड़ चुके हैं।

स्कूल की विज्ञान प्राध्यापिका किरणजीत का कहना है कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूल में तीन कमरों का निर्माण हुआ। उनमें छठी, सातवीं तथा आठवीं कक्षा बैठती है। कुछ दिन पहले मुख्याध्यापिका ने एक कमरे में अपना कार्यालय बनाकर सातवीं कक्षा के बच्चों को धूप में बैठाना शुरू कर दिया। इस कक्षा की इंचार्ज अनु है, जो कि विकलांग है। उन्होंने कहा कि एसएसए के तहत बने कमरे में कार्यालय बनाने का प्रावधान नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें