संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। तीन दिन से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे चलते बाजारों, सार्वजनिक स्थानों व प्रमुख मार्गों के आसपास जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। बारिश के कारण हालात और बदतर हो गए हैं। शहरवासियों को दुर्गंध और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
नगर निगम के करीब 403 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इससे बाजारों व शहर की सड़कों व गलियों में झाडू नहीं लग रही है और न ही कचरा का उठान हो रहा है। हालांकि डोर-टू-डोर कचरा उठान हुआ, जिससे लोगों को कुछ हद तक राहत रही। परंतु बाजारों में कचरे के ढेर लगने से लोगों को दिक्कत हुई।
इसका सबसे अधिक असर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर देखने को मिल रहा है। दुकानों और बाजारों के आसपास जमा कूड़ा अब सड़कों के किनारे फैलने लगा है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। बारिश के पानी के साथ गंदगी फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के कारण आने वाले दो दिन भी राहत मिलने की उम्मीद कम है।
शनिवार को हड़ताल का तीसरा दिन रहा। रविवार को नगर निगम का अवकाश होने के कारण सफाई कार्य नहीं होगा। इसके बाद सोमवार को सफाई कर्मचारी जेल भरो आंदोलन में शामिल होंगे। ऐसे में सोमवार को भी सफाई व्यवस्था प्रभावित रहेगी। लगातार पांच दिन सफाई व्यवस्था प्रभावित रहने की स्थिति बन गई है।
पिछले दिनों हुई बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पहले ही गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। नियमित सफाई नहीं होने से अब कूड़े के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। मुख्य बाजारों के अलावा सार्वजनिक स्थानों और सड़क किनारे कूड़ा जमा होने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से गंदगी और बढ़ सकती है। इससे दुर्गंध के साथ मच्छर और अन्य कीट पनपने का खतरा भी बढ़ गया है।
गोविंदपुरी रोड पर लगे कचरे के ढेर। संवाद