संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रोफेसर कॉलोनी में मकान के फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचने के मामले में तीन दिन के प्रोडक्शन रिमांड के दौरान शहर पुलिस ने उर्दू अनुवादक मामली निवासी इस्लामुद्दीन उर्फ इस्लाम से प्रॉपर्टी में प्रयोग किए गए दस्तावेजों की फोटो काॅपी बरामद की है। पुलिस ने असली दस्तावेज बरामद करने के लिए अदालत से उसका दोबारा रिमांड मांगा। अदालत ने दोबारा आरोपी उर्दू अनुवादक का दो दिन का रिमांड मंजूर किया।
रिमांड के दौरान आरोपी से असली दस्तावेज बरामद किए जाएंगे। रिमांड के दौरान आरोपी से इस फर्जीवाड़े में शामिल उसके साथी प्राॅपर्टी डीलर अश्विनी कुमार, करनैल सिंह व एसडीएम कार्यालय के कर्मी राममेहर के ठिकानों का पता लगाया जाएगा। तीनों आरोपी अभी फरार है। तीनों आरोपियों की शहर थाना पुलिस के साथ साथ एनआरआई राकेश कपूर के मामले में आर्थिक अपराध शाखा की टीम को भी तलाश है।
प्रोफेसर कॉलोनी में खाली पड़े मकान के फर्जी दस्तावेज बनाने के मामले सितंबर 2023 में शहर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इसमें आरोपी परमजीत कौर ने मकान के दस्तावेज बदल कर लगभग 50 लाख रुपये में बेच दिया था। जब मकान खरीदने वाले उस पर कब्जा करने गए तो मामला खुला। बाद में अदालत के आदेश के मकान के चौकीदार राजकुमार की शिकायत पर विक्रम अग्रवाल, दिल्ली निवासी संजय अग्रवाल, आंचल, कंचन व अन्य पर केस दर्ज किया गया था।
तफ्तीश करते हुए पुलिस ने नगर निगम व तहसील से रिकॉर्ड जुटाया। इस पर पता लगा कि परमजीत कौर ने इस मकान को अपना बताकर विक्रम व अन्य को बेचा था। इस प्रॉपर्टी को बेचने में भी उर्दू अनुवादक इस्लाम की मिलीभगत थी। उसके माध्यम से ही प्राॅपर्टी की आईडी बदलवाई गई और जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कर बेची गई।
मामले में आरोपी उर्दू अनुवादक इस्लाम पुलिस की गिरफ्त में है। आरोपी के खाते पहले ही सीज किए जा चुके हैं। इसके साथ ही इस केस में इस्लाम के अन्य साथियों के खाते भी सीज कराए गए हैं। मामले में अभी प्राॅपर्टी डीलर अश्विनी कुमार, करनैल सिंह व एसडीएम कार्यालय के कर्मी राममेहर पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
आरोपी इस्लामुद्दीन उर्फ इस्लाम को दोबारा दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड में आरोपी से असली दस्तावेज बरामद किए जाएंगे, वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। - जगदीश चंद्र, शहर थाना प्रभारी।