संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। सरकार के संशोधित कानून में अमानक बीज और कीटनाशक विक्रेताओं के खिलाफ कड़े प्रावधान करने के विरोध में कीटनाशक विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखीं। साथ ही नारेबाजी कर सरकार से नया कानून वापस लेने की मांग की।
विक्रेता परमिन्द्र सिंह भाटिया, सचिन जिंदल व सुधीर चौहान ने कहा कि हम अमानक बीज या कीटनाशक बेचने के पक्षधर नहीं है, लेकिन इस तरह के कानून कहीं न कहीं व्यापारियों का मनोबल गिराने अथवा उन्हें अपराधी दर्शाने का संकेत देते हैं।
अभिषेक गर्ग व सुरेन्द्र जिंदल ने कहा कि किसी भी बीज या कीटनाशक के अमानक पाए जाने पर विक्रेता को दोषी नही ठहराया जा सकता, क्योंकि वह केवल विक्रेता है न कि निर्माता।
उन्होंने कहा कि कीटनाशक विक्रेता केवलडिब्बा बंद उत्पाद ही बेचते हैं, जिस उत्पाद को बेचने की अनुमति सरकार देती है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए की वे अमानक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों पर ही नकेल कसें। उनकी मांग है कि कानून में संशोधन करके विक्रेताओं का उत्पीड़न होने से रोका जाए। इस प्रदर्शन के बाद सभी विक्रेता कुरुक्षेत्र में होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए रवाना हुए।