पीएनजी प्रोजेक्ट की पाइप लाइन को आरओबी क्रॉसिंग के लिए रेलवे ने मंजूरी दे दी है। इससे घरों में पाइप लाइन के जरिए कुकिंग गैस मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उम्मीद है कि इसी माह के अंत तक आरओबी के पास पीएनजी पाइप लाइन को रेलवे लाइन की क्रॉसिंग करवा दी जाएगी। जिसके बाद सितंबर माह के अंत तक शहरवासियों को हर महीने सिलिंडर की बुकिंग के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी और पाइप लाइन के जरिए सीधे रसोई तक कुकिंग गैस की आपूर्ति हो सकेगी।
भारत पेट्रोलियम के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी भारत गैस रिसोर्स लिमिटेड की तरफ से शहर में पीएनजी प्रोजेक्ट के लिए पाइप लाइन बिछाने का 90 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। शहर के पॉश इलाकों में पहले ही पाइप लाइन डाली जा चुकी है और दो हजार से ज्यादा परिवारों ने कनेक्शन के लिए सिक्योरिटी भी जमा करवा रखी है, लेकिन आरओबी क्रासिंग पर पाइप लाइन के लिए रेलवे की मंजूरी नहीं मिलने के कारण साल भर से काम की रफ्तार सुस्त चल रही थी। कारण कि रेलवे क्रासिंग के बिना शहर में पाइप लाइन से गैस की आपूर्ति संभव नहीं थी। कंपनी अधिकारियों के मुताबिक अब जल्द ही लोगों को पाइप लाइन के जरिए कुकिंग गैस की आपूर्ति की जा सकेगी। प्रथम चरण में 12 हजार घरों में कनेक्शन दिए जाने हैं। पहले उन्हीं कालोनियों में कनेक्शन दिये जाएंगे जिन्होंने सिक्योरिटी जमा करवाई है।
पीएनजी की यह है खूबियां
-एलपीजी की ही तरह पीएनजी भी एक नेचुरल गैस होती है। पर्यावरण के लिए भी यह अधिक मुफीद है। पीएनजी हवा से हल्की होती है। इसके प्रयोग से हादसों की संभावना कम हो जाती है और एलपीजी के मुकाबले यह काफी हद तक सुरक्षित है। यह एलपीजी से काफी सस्ती भी पड़ती है।
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कनेक्शन के लगेंगे मीटर
-पाइपलाइन के जरिए कुकिंग गैस पहुंचाने के लिए प्रति कनेक्शन एक मीटर भी लगाया जाएगा, ताकि खपत का हिसाब लगाया जा सके। पीएनजी के बाद लोगों को एलपीजी सिलिंडर के लिए लाइन में लगने या गैस का अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। घरेलू प्रयोग के अलावा पीएनजी का लाभ विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी उठा सकेंगे।
इन तथ्योें को भी जानिए ----
-जिले में एलपीजी की कुल 29 एजेंसियां हैं।
-करीब साढ़े तीन लाख एलपीजी उपभोक्ता।
-पहले फेज में 12 हजार घरों में पीएनजी।
-एक साल के भीतर पूरा शहर होगा कवर।
-अगले एक साल में आसपास के गांव भी।
-125 करोड़ रुपये का कुल प्रोजेक्ट।
-90 फीसदी से ज्यादा काम पूरा।
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ऐसे मिलेगा पीएनजी का कनेक्शन
-फोटो आईडी के साथ रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर जमा करना होगा।
-रजिस्ट्रेशन फॉर्म के साथ एप्लीकेशन फीस, सिक्योरिटी डिपाजिट और कनेक्शन फीस भी देनी होगी।
-15 मीटर से अधिक पाइप बिछानी पड़ेगी तो उसका चार्ज अलग से देना होगा।
-रजिस्ट्रेशन के बाद सर्वे होगा कि उपभोक्ता के घर तक कनेक्शन संभव है या नहीं।
-कनेक्शन संभव होने पर स्थानीय अधिकारियों से एनओसी लेकर एमडीपीई पाइप बिछाई जाएगी।
वर्जन-रेल लाइन क्रॉसिंग के लिए रेलवे की तरफ से मंजूरी मिल गई है। भारी ट्रैफिक के चलते विश्वकर्मा चौक पर भी कुछ काम बचा हुआ है। यहां खुदाई के दौरान बार-बार नाला टूट जाता है, जिसकी वजह से काम प्रभावित हुआ। उम्मीद है कि सितंबर माह के अंत तक शहरवासियों को पीएनजी की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।- एनएम गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर, बीजीआरएल