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Yamuna Nagar News: खून की कमी और तनाव से घिरे लोग, जांच में छह प्रतिशत मिले बीमार

Wed, 22 May 2024 04:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। निरोगी हरियाणा योजना के तहत जिले में अब तक 343724 लोगों के स्वास्थ्य की जांच हो चुकी है। जांच के दौरान करीब छह प्रतिशत लोग गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मिले हैं। 343724 लोगों में से 20556 का बीमार मिलना हैरान कर देने वाला है। बीमार की श्रेणी में बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के लोग शामिल हैं।
किसी में खून की कमी है तो कोई टेंशन का शिकार है। तनाव के कारण लोग रातभर चैन से सो नहीं पाते। जिस वजह से वह बीमार हो रहे हैं। इसके अलावा ह्रदय रोग, शुगर, टीबी जैसे रोग भी लोगों में जांच के दौरान मिले हैं। जांच के दौरान जो लोग बीमार मिले हैं उनका उपचार स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
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जिन परिवारों की सालाना आय एक लाख 80 हजार रुपये है वह निरोगी हरियाणा योजना के दायरे में आते हैं। ऐसे अंत्योदय परिवारों के सदस्यों की संख्या जिले में करीब 796454 है। स्वास्थ्य जांच सुचारू रूप से करने के लिए अंत्योदय लाभार्थी को छह आयु श्रेणियों में बांटा गया है। आयु के अनुरूप शारीरिक जांच के अलावा 25 से ज्यादा निशुल्क परीक्षण करने का प्रावधान है।
अब तक लैब में 2338269 सैंपल की खून, एनीमिया, शुगर, रक्तचाप, वजन समेत अन्य बीमारियों की जांच स्वास्थ्य विभाग करवा चुका है। निरोगी हरियाणा की शुरुआत 29 नवंबर 2022 को की थी। योजना का उद्देश्य इन परिवारों के लोगों की स्वास्थ्य की जांच कर बीमारियों का पता करना है। ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही बीमारी का पता लग जाए और गंभीर रोग होने से पहले समय रहते उसका उपचार किया जा सके।
अब तक हुई जांच में एनीमिया के 6605, कम वजन के 478 बच्चे, शुगर के 2790, टीबी के 7, उच्च रक्तचाप के 3606, ह्रदय संबंधी रोग के 38 व अन्य बीमारियों के 6971 मरीज मिले हैं। इनमें से 12 मरीजों को रेफर भी करना पड़ा। निरोगी हरियाणा योजना की नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि करीब छह प्रतिशत लोग बीमार मिले हैं। इनमें से 12 लोगों को रेफर भी करना पड़ा। लोगों का गलत खानपान भी बीमारियों का बड़ा कारण बन रहा है। योजना के पात्र अपने स्वास्थ्य की जांच जरूर करवाएं।
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लोग नहीं करवा रहे जांच : डॉ. मंगला
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला ने बताया निरोगी योजना के तहत 796454 लोगों के स्वास्थ्य की जांच का लक्ष्य मिला था। परंतु यह योजना कछुआ गति से आगे बढ़ रही है। अभी तक जिले में महज 43.16 प्रतिशत लोगों के ही सभी प्रकार की जांच डॉक्टरों की टीमें कर पाई है। लोग स्वास्थ्य की जांच कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। योजना के अनुसार चाहे कोई व्यक्ति बीमार है या फिर पूरी तरह से ठीक, उन सभी के स्वास्थ्य की जांच की जानी है। परंतु जो लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं वही अपनी जांच कराने के लिए आगे नहीं आ रहे। लोग तर्क देते हैं कि वह तो पूरी तरह से ठीक हैं, इसलिए जांच क्यों करवाएं।
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