संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के वर्गीकरण पर दिए निर्णय का लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ वीरवार को लोगों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन और निर्णय रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शन का आह्वान श्री गुरु रविदास मंदिर सभा डेरा बाबा लालदास कपाल मोचन ने किया था। नेतृत्व डेरा महंत निर्मल दास व सचिव रमेश कुमार ने किया। प्रदर्शन को लेकर लघु सचिवालय में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने गेट के पास बैरिकेड्स कर लोगों को रोक दिया। इस पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की। सभा की ओर से महंत ने डीसी कैप्टन मनोज कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
गुरु रविदास मंदिर सभा प्रधान निर्मल दास व सचिव रमेश कुमार ने कहा कि कुछ दिन पहले सर्वोच्च न्यायालय ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के वर्गीकरण कर राज्यों के कोटे में से कोटा आरक्षण देने का निर्णय दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाबा आंबेडकर ने संविधान में यह अधिकार आर्थिक रूप से न देकर सामाजिक उत्पीड़न के आधार पर राष्ट्रपति व संसद को दिया है। यह पूरी तरह अनुचित है।
सुप्रीम कोर्ट को यह निर्णय रद्द करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया जाता है तो संविधान का उल्लंघन होगा और वंचित को उनका अधिकार नहीं मिल पाएगा। इस निर्णय के खिलाफ उन्होंने डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर इसे निरस्त किया जाए। इस दौरान काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।