गांव रामखेड़ी के नजदीक बारिश व हवा से खेतों में बिछी गन्ने की फसल।
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यमुनानगर। जिले में 26 दिन बाद शनिवार तड़के जोरदार बारिश हुई। बारिश होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। कई दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर रखा था। प्रतापनगर में सबसे ज्यादा 45 एमएम और जगाधरी में सबसे कम केवल चार एमएम बारिश हुई है। बारिश के साथ तेज हवा चलने से प्रतापनगर, छछरौली और बिलासपुर क्षेत्र में कई जगहों पर खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल जमीन पर बिछ गई। इधर रादौर और सरस्वतीनगर में बारिश न होने से मौसम सूखा रहा।
पांचों ब्लॉक की बात करें तो इनमें औसतन 18.2 एमएम बारिश हुई। बारिश के साथ तेज हवा भी चली। इससे प्रतापनगर, छछरौली और बिलासपुर क्षेत्र में कई जगहों पर खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है। कुछ एक जगहों पर पेड़ भी टूटे। जिससे यातायात बाधित रहा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी एक सप्ताह में रुक-रुककर बूंदाबांदी हो सकती है। माना जा रहा है कि इसके बाद मौसम में बदलाव आएगा। बारिश से जिले के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 33.2 व न्यूनतम 25.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इससे पहले 14 अगस्त को हुई थी बारिश
जिले में इससे पहले जिले में 14 अगस्त को बारिश हुई थी। यह बारिश केवल शहर व इससे लगते आसपास के एरिया में हुई थी। तब से लोग बारिश का इंतजार कर रहे थे। इस बीच आसमान में कई बार काले बादल तो उमड़कर आए, लेकिन बारिश नहीं हुई। जिसके चलते गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। शनिवार तड़के साढ़े चार बजे मौसम ने अचानक करवट ली और जोरदार बारिश हुई। बिजली कड़कने के साथ-साथ तेज हवा भी चली। बिलासपुर में वीटा मिल्क प्लांट में बारिश का पानी जमा हो गया इसी के पास ही बिलासपुर रोड पर कई फुट पानी सड़क पर जमा हो गया। जिसमें से निकलने के लिए वाहन चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रामखेड़ी के नजदीक स्टेट हाईवे पर पेड़ टूटकर गिर गया।
फसलों के लिए ठीक नहीं ज्यादा बारिश
इस समय ज्यादा बारिश फसलों के लिए ठीक नहीं है। खासकर धान की फसल के लिए। खेतों में धान की फसल लहलहा रही है। हालांकि धान की सरकारी खरीद एक अक्तूबर से शुरू होगी। परंतु अनाज मंडियों में तो धान की आवक कई दिनों से होने लगी है। 20 सितंबर के बाद मंडियों में धान की आवक जोर पकड़ लेगी। किसान रामबीर व संजू गुंदियाना ने बताया कि यदि ज्यादा बारिश हुई और तेज हवा चली तो किसानों को काफी नुकसान हो जाएगा। धान की फसल खेतों में बिछ जाएगी। किसान पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इस बार तो करीब 30 हजार एकड़ में धान के पौधे बौने रह गए। जबकि कई जगह धान के पौधों पर दाने तक नहीं आए।
जिले में हुई बारिश का तहसीलवार ब्योरा
तहसील एमएम
जगाधरी 04
बिलासपुर 12
रादौर 00
छछरौली 26
सरस्वतीनगर 00
साढौरा 04
प्रतापनगर 45