संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। व्यासपुर में रविवार को जमकर बारिश हुई। बारिश से गांव व घरों में जलभराव की समस्या नहीं हुई। लेकिन किसानों की फसल जरूर जलमग्न हो गई। फसलों में करीब डेढ़ फीट पानी जमा हो गया। वहीं पांबनी से सरांवा जाने वाला अस्थायी रास्ता बंद होने पर बसपा नेता बृजपाल छप्पर की अगुवाई में लोगों ने नारेबाजी कर रोष जताया।
बसपा नेता बृजपाल छप्पर ने बताया कि पांबनी से सरांवा जाने वाली सड़क पर सात महीने पर पुल बनाने का कार्य शुरू हुआ था। वाहनों को निकालने के लिए खेतों से अस्थाई कच्चा रास्ता भी तैयार किया गया। कार्य पूरा न होने के चलते बारिश हुई तो वह अस्थाई रास्ता भी बंद हो गया।
इससे सरांवा से जगाधरी वाया पांबनी जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस परेशानी के खिलाफ उन्होंने लोगों के साथ रोष प्रकट किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार का चल रहे कामों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। इससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मलिकपुर बांगर में 400 एकड़ फसल डूबी
बारिश होने से गांव मलिकपुर बांगर में 400 एकड़ में खड़ी किसानों की गन्नर, धान, चेरी आदि फसल बारिश व सोमनदी के पानी में पूरी तरह से डूब गई। मा. नरेश मलिकपुर बांगर, राजकुमार राणा, रामकुमार, दीपक आदि का कहना है कि उनके गांव से रुकाली जाने वाली सड़क पर भी कई कई फीट पानी जमा है। खेत पूरी तरह से डूबे हुए हैं। वहीं ताहरपुर में भी बारिश का पानी खेतों व सड़क पर जमा होने से किसान व राहगीर परेशान हैं।
मोहड़ी गांव में भी सरस्वती नदी के पानी से किसानों की कई एकड़ फसल जलमग्न है। किसान जगमाल सिंह मोहड़ी, विनोद शर्मा, रणबीर सिंह, रमेश भूरा, महिंद्र मढान, राजीव ने बताया कि यह बारिश नहीं आफत बनकर बरसी हैं। किसानों के खेतों की मेढ़ टूट चुकी है। इससे उन्हें काफी नुकसान होने की संभावना है।