छछरौली। पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश के साथ यमुना नदी में बहकर आ रही लकड़ी पकड़ने के लिए हथिनीकुंड बैराज के निचले एरिया में लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। साथ ही लाेगाें काे बैराज से सायरन बजाकर सावधान किया जा रहा है, लेकिन यह लोग बाज नहीं आ रहे।
प्रशासन, प्रतापनगर थाना और सिंचाई विभाग के कर्मचारी इन्हे हटाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं। जब-जब यमुना नदी विकराल रूप लेकर आती है तो अपने साथ पहाड़ी इलाकों से काफी सारा मलबा बहाकर भी लाती है। इस दौरान जंगलों की लकड़ी भी बहकर आती है।
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लोग सुबह ही लकड़ी पकड़ने के लिए पहुंच रहे। किसी को भी अपनी जान की परवाह नहीं दिखी। बैराज से निकल रही यमुना में बहकर आ रही लकड़ी को पकड़ने के लिए लोगों ने एक मजबूत लाठी पर नुकीली नोक लगाकर उसे यमुना में फेंक देते हैं। जोकि लकड़ी में फंस जाती है, इस पर लोग रस्सी से उसी लकड़ी को बाहर की और खींच लेते हैं।
लकड़ी पकड़ने वालों की एक नहीं दो नहीं करीब 100 से अधिक लोगों को झुंड जमा है। ये लोग जान जोखिम में डालकर ये कार्य कर रहे। वहीं यमुना पूरी तरह से उफान पर है। वहीं प्रशासन व पुलिस की टीमें नदी के किनारों पर पेट्रोलिंग कर रही है ताकि किसी तरह की अनहोनी ना हो जाए।