संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम के वार्ड-7 की गांधीधाम कॉलोनी जगाधरी के लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। लोगों को किसी गैंगस्टर या हमलावर से खतरा नहीं बल्कि बंदरों का डर है। लोगों को हर वक्त इस बात का डर सताता रहता है कि पता नहीं बंदर कब और कहां से आकर उन पर हमला कर दें। अभी तक कई लोगों को बंदर काट कर अस्पताल पहुंचा चुके हैं।
लोगों का आरोप है कि बंदरों से छुटकारा दिलाने के लिए वह कई बार पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। उन्हें बंदर पकड़ने की निविदा जल्द लगने की बात कहकर चलता कर दिया जाता है। मोहल्ला निवासी शशि भूषण सिंगला, हरजीत सिंह, भारत भूषण खुराना, गोपाल वर्मा, सुनीता देवी, विनोद कुमार, ओम प्रकाश शर्मा, वीना, कार्तिक, राजिंद्र सिंह, ज्ञान चंद शर्मा, मयंक सचदेवा ने बताया कि कॉलोनी में बंदरों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
घर के गेट से लेकर छत तक बंदरों ने अपना कब्जा जमाया हुआ है। बंदराें के डर से कोई छत पर नहीं जा सकता। बाहर से आकर अपने ही घर के अंदर जाने से पहले कई बार सोचना पड़ता है, क्योंकि गेट पर बंदर बैठे रहते हैं। हर समय यही डर रहता है कि कहीं बंदर हमला न कर दे। काॅलोनी वासियों को अनेक बार बंदरों ने काट लिया है।
कई बार बंदर लोगों के पीछे दौड़ पड़ते हैं, जिससे नीचे गिर कर लोग चोटिल भी हुए। लोग अपने ही घर की छत पर कपड़े नहीं सुखा सकते, क्योंकि कपड़ों को फाड़ना तो प्रतिदिन का काम हो गया है। सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के लिए हाथ में डंडा लेकर बाहर आना पड़ता है। फिर भी बंदर ऊपर झपट्टा मारने के लिए तैयार बैठे रहते हैं।
गांधी धाम, रूप नगर व अन्य कॉलोनी के लोगों की समस्या जायज है। बंदरों ने लोगों को काफी परेशान कर रखा है। इस समस्या को उन्होंने नगर निगम हाउस की बैठक में उठाया था। इसके बाद निगम की ओर से बंदर पकड़ने के लिए निविदा लगाई गई है। सबसे पहले गांधी धाम कॉलोनी से बंदरों को पकड़ कर कलेसर जंगल में पहुंचाया जाएगा।
- प्रियांक कुमार शर्मा, पार्षद वार्ड-7 नगर निगम।