यमुनानगर। वर्तमान समय में बाजार में दुग्ध पदार्थों में मिलावटखोरी चरम पर है। घी, दही से लेकर पनीर तक में मिलावट की जा रही है। जिस कारण लोग इनका विकल्प देखने लगे हैं। साया टोफू (सोयाबीन से बना पनीर) लोगों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। मेला कपालमोचन की प्रदर्शनी में सोयाबीन से बने पदार्थ को लेकर लोग उत्साहित है। बिलासपुर क्षेत्र के ही रहने वाले पति पत्नी ने सोया टोफू बनाने का प्लांट लगाया है।
बिलासपुर क्षेत्र के गांव मिल्क खास निवासी रेखा देवी पत्नी करनैल सिंह ने बताया कि उन्हें कुछ समय पहले साेयाबीन से पनीर, दही और घी बनाने के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने इस काम को शुरू किया था। शुरूआत में जिला कार्यक्रम अधिकारी की देखरेख में प्रशिक्षण लिया। आजीविका मिशन के तहत गांव में ही एक छोटा सा प्लांट लगाया है। जहां पर सोयाबीन का प्रोसेस कर टोफू व अन्य प्रोडक्ट तैयार किए जाते हैं। रेखा ने बताया कि वर्तमान में उनके प्लांट से 25 से 30 किग्रा दही की बिक्री प्रतिदिन हो जाती है। जैसे-जैसे लोगों को इसके बारे में पता चल रहा है कि तो बिक्री भी बढ़ रही है।
इस तरह से तैयार होता है पनीर
रेखा ने बताया कि सबसे पहले सोयाबीन के बीच को 12 से 14 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखा जाता है। इसके बाद छह बार बीजों की धुलाई की जाती है। जिससे गंदगी बाहर निकल जाए। इसके बाद मिक्सी से बारीक मिक्सचर तैयार किया जाता है। जिससे सोयाबीन का दूध तैयार होता है। इसके बाद दूध को 110 डिग्री पर स्ट्रीम के माध्यम से उबाला जाता है और फिर पनीर को तैयार किया जाता है। इसी तरह से दही आदि प्रोडक्ट भी तैयार किए जाते हैं। करनैल सिंह ने बताया कि शुरू में लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं थी। जिस कारण दिक्कत हुई थी। लेकिन, अब धीरे-धीरे लोगों को जानकारी हो रही है।