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Yamuna Nagar News: ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से लोगों को हो रही परेशानी

Sun, 04 Jan 2026 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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माता अहिल्याबाई होल्कर चौक से गुजरता ई-रिक्शा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते ई-रिक्शा न सिर्फ यातायात व्यवस्था को चरमरा रहे हैं, बल्कि हर समय हादसों का खतरा भी पैदा कर रहे हैं। स्थिति यह है कि ई-रिक्शा चालक सवारी दिखते ही बिना किसी संकेत के सड़क के बीचोबीच ब्रेक लगा देते हैं। कई बार तो सवारी नजर भी नहीं आती और फिर भी अचानक रिक्शा रोक दिया जाता है, जिससे पीछे आ रहे वाहनों को अचानक रुकना पड़ता है।
दो साल पहले तक शहर की सड़कों पर ऑटो की भरमार थी, लेकिन अब उनकी जगह ई-रिक्शा ने ले ली है। मौजूदा समय में हालात ऐसे हो गए हैं कि शहर में ऑटो से ज्यादा ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन्हें चलाने वालों में 15-16 साल के किशोरों से लेकर 80-85 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं।
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अनुमान के मुताबिक करीब 50 प्रतिशत ई-रिक्शा चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। न तो उन्हें यातायात नियमों का ज्ञान है और न ही वाहन चलाने का अनुभव, जिसका सीधा असर सड़क सुरक्षा पर पड़ रहा है। शहरवासी आशीष, रवि, संजीव का कहना है कि ई-रिक्शा चालकों के लिए न तो कोई तय स्टैंड है और न ही वे सड़क से नीचे खड़े होते हैं।
शहर की कई प्रमुख सड़कों पर एक लेन पर पूरी तरह ई-रिक्शा चालकों का कब्जा नजर आता है। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के गेट के बाहर एक साथ 10 से 15 ई-रिक्शा खड़ी रहती हैं। इनके कारण न तो मरीज आसानी से अस्पताल के अंदर जा पाते हैं और न ही बाहर निकल पाते हैं। यदि कोई इन्हें हटने के लिए कह दे तो चालक झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।
संदीप कुमार का कहना है कि दो सवारियों के लिए बनी ई-रिक्शा में छह से सात लोगों को बैठाया जा रहा है। ओवरलोडिंग के साथ-साथ अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रहे वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा भी नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों पर सख्ती नहीं की जा रही, जिससे उनके हौसले और बढ़ गए हैं। शहरवासियों की मांग है कि ई-रिक्शा के लिए अलग स्टैंड तय किए जाएं, लाइसेंस की सख्ती से जांच हो।
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ई-रिक्शा यूनियन के नेताओं को बुलाकर उन्हें समझाया जाएगा। उनसे कहा जाएगा कि वे अपने चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अवहेलना करने वालों के चालान काटे जाएंगे। - कुशलपाल राणा, यातायात थाना प्रभारी
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