संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गोविंद विहार के जोहड़ में डूबने से बच्चे कुंज (5) की मौत होने पर गुस्साए लोगों ने शनिवार को ससौली रोड पर उतर हंगामा किया। चार घंटे रोड पर बैठ दोनों ओर से ट्रैफिक जाम रखा। काफी समझाने पर भी लोग नहीं माने तो पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग से उन्हें रोड से हटा दिया। इस बीच पुलिस व लोगों के बीच काफी देर तीखी बहस हुई।
जाम लगाने से रोकने पर लोग पुलिस पर भड़क गए फिर रोड पर खड़े होकर बवाल करने लगे। तब सीटीएम पीयूष गुप्ता व डीएसपी कंवलजीत पहुंचे, दोनों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। लोगों ने रात में ही फर्कपुर थाने में शिकायत दी, जिसमें नगर निगम की लापरवाही से हादसा होने के आरोप हैं। इस पर पुलिस ने रविवार शाम तक भी कोई केस दर्ज नहीं किया था।
गोविंद विहार के कुंज उर्फ कार्तिक का शव घर से कुछ दूरी पर जोहड़ से शनिवार शाम छह बजे गोताखोरों ने निकाला था। तब पुलिस ने शव शवगृह में रखवा दिया। जैसे-जैसे हादसे के बारे में आसपास के लोगों को पता लगा, वह मौके पर जुटने लगे। नगर निगम की लापरवाही के आरोप लगाते हुए गोविंद विहार सहित ससौली, श्याम विहार व आसपास से करीब सौ से अधिक लोग करीब 6:30 बजे ससौली रोड पर पहुंच गए।
महिलाओं सहित निवासी रोड पर तिरपाल बिछाकर बैठ गए। नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। दोनों ओर से ट्रैफिक जाम हो गया। इसकी सूचना पर थाना फर्कपुर प्रभारी जनकराज व थाना शहर यमुनानगर प्रभारी सतीश कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने लोगों को जाम लगाने से रोका, पर लोग रोड से नहीं हटे।
भाकियू से मनदीप रोड छप्पर सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी भी जाम लगाकर बैठे लोगों के समर्थन में आकर बैठ गए। रात करीब 11 बजे तक लोग नहीं उठे, तब पुलिस ने हल्के बल प्रयोग से उन्हें रोड उठा दिया। तब भी महिलाएं व निवासी रोड पर खड़े होकर हंगामा करते रहे, जो रात करीब 11:30 बजे सीटीएम पीयूष गुप्ता व डीएसपी कंवलजीत ने समझाने पर घर लौट गए।
निवासियों ने बताया कि जोहड़ की 39 लाख में चहारदीवारी के काम मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुरू कराया था, पर यह काम फरवरी में लगा और अप्रैल में अधूरा छोड़ बंद कर दिया गया। पुलिस को दी शिकायत में गगनदीप सिंह, प्रभजोत सिंह, योगिंद्र शर्मा, राहुल वर्मा व अन्य लोगों ने कहा कि हादसा नगर निगम की लापरवाही से हुआ है।
तीन-चार माह पहले नगर निगम ने जोहड़ की खोदाई कर उसे गहरा कर दिया था। निगम के जेई को बताया था कि आगे बरसात का मौसम आने वाला है, इसलिए जोहड़ के चारों ओर दीवार या तारबंदी की जाए। इस पर नगर निगम ने ध्यान नहीं दिया और शनिवार शाम जोहड़ में डूबने से पांच साल के कुंज की मौत हो गई। शिकायत में मांग रखी कि कमेटी बनाकर जांच बारे नगर निगम अफसरों को लिखा जाए।
पुलिस ने पोस्टमार्टम न कराने की शर्त मानी
थाना फर्कपुर प्रभारी जनक राज ने बताया कि परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम न कराने की शर्त रखी, जिस पर उन्हें बिना पोस्टमार्टम शव सौंप दिया गया। निवासियों ने नगर निगम की लापरवाही से हादसे के आरोप में शिकायत दी है, जिसकी जांच की जा रही है। इसमें नगर निगम के अधिकारियों व निवासियों के बीच सोमवार बातचीत कराई जाएगी। इसके बाद जो भी कार्रवाई बनेगी, वह अमल में लाई जाएगी।
मामले में लोगों ने क्या शिकायत दी है, उस बारे जानकारी नहीं है। उनके संज्ञान में जो शिकायत आएगी, उस पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। - अखिल पिलानी, निगमायुक्त।
ससौली रोड पर जाम लगाने वाले लोगों को समझाने पहुंचे सीटीएम व डीएसपी। संवाद- फोटो : mathura
ससौली रोड पर जाम लगाने वाले लोगों को समझाने पहुंचे सीटीएम व डीएसपी। संवाद- फोटो : mathura