संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। मृत लोगों की जीवित दिखाकर उनकी पेंशन निकालने के आरोप में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की तहरीर पर मछरौली गांव निवासी अमित कुमार पेंशन वितरण एजेंट के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की जांच में पता चला है कि गांव परभौली के पूर्व सरपंच और पेंशन वितरण से जुड़े एजेंट की सांठ-गांठ से मृत व्यक्तियों को जीवित दिखाकर वर्षों तक पेंशन निकाली जाती रही।
पुलिस को दी शिकायत में कहा गया है कि गांव मछरौली निवासी अमित कुमार जो कि एचडीएफसी बैंक व मनीपाल बिजनेस सोल्यूशन के माध्यम से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की पेंशन योजनाओं के वितरण के लिए एजेंट के रूप में कार्यरत था। उसके कार्य में भारी अनियमितताएं थी। अमित कुमार ने गांव परभौली के सात मृत व्यक्तियों नाथी, रोशनी, शकुरी, शरीफ, रफीक, उमरा और रुहानी को जीवित दर्शाकर पेंशन निकलवाई।
जांच में पता चला कि गांव के रफीक की मृत्यु 19 दिसंबर 2015 को हो चुकी थी, जबकि उसकी बुढ़ापा पेंशन 29 जुलाई 2016 से पांच जुलाई 2025 तक लगातार निकाली जाती रही। जबकि यह राशि मृतक के परिजनों को नहीं दी गई, बल्कि आरोपी ने स्वयं और अपने परिवार की जरूरतों पर खर्च की।
जांच में अमित कुमार ने अपने बयान में स्वीकार किया कि पेंशन खाता खोलते समय उसने रफीक की 10 में से नौ उंगलियों के फिंगरप्रिंट लिए और शेष एक उंगली पर अपना दाहिना अंगूठा लगा दिया। रफीक की मृत्यु के बाद उसी अंगूठे के फिंगरप्रिंट के जरिए वह पेंशन निकालता रहा।
वर्जन
तहरीर के आधार अमित के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होेने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप सिंह, थाना प्रभारी व्यासपुर।