संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पहले ट्रामा सेंटर दो मंजिला भवन में चल रहा था। अब मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के एक छोटे से हॉल में सिमट कर रह गया है। जगह के अभाव के चलते पांच बेड बरामदे में लगाए गए हैं। यह हाल इमरजेंसी का है। इसकी वजह ट्रामा सेंटर का नवीनीकरण में हो रही देरी है। इस देरी का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं।
डेढ़ दशक पुराने ट्रामा सेंटर के भवन का करीब 80 लाख रुपये से नवीनीकरण किया जा रहा है। इसके लिए पिछले साल जून माह में ट्रामा सेंटर को मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के ब्लॉक-ए के भवन में शिफ्ट कर दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर 47 लाख रुपये जमा कराने के बाद पिछले साल अगस्त में ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया था। काम का भुगतान न होने से ठेकेदार ने सितंबर में काम बंद कर दिया।
भुगतान के बाद बड़ी मुश्किल से ठेकेदार ने काम शुरू किया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी को ट्रामा सेंटर में बिजली से संबंधित काम कराने की याद आई और काम को बीच में ही रुकवा दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने बिजली की रकम जमा कराई तो पीडब्ल्यूडी की बिजली शाखा ने कई माह तक टेंडर ही नहीं लगाया। दो सप्ताह पहले ही बिजली का काम शुरू हो पाया है।
तार डालने का करीब 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। नवीनीकरण का काम शुरू नहीं होने पर अजिला स्पताल की पीएमओ डॉ. नवजोत किरना टिवाना ने पीडब्ल्यूडी के एसडीओ को अस्पताल बुलाया। उन्होंने एसडीओ से पूछा कि ट्रामा का कार्य कब तक पूरा हो जाएगा। इस पर एसडीओ ने कहा कि बिजली का काम पूरा होते ही मरम्मत का कार्य भी शुरू करवा दिया जाएगा। बिजली ठेकेदार का कहना है कि जहां उनका काम पूरा हो चुका है, वहां मरम्मत शुरू कर सकते हैं।