संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक देश-एक किताब और एक समान फीस व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर रविवार को भगत सिंह चौक पर अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने शिक्षा विभाग का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर निजी स्कूलों पर कार्रवाई न होने के विरोध में अपना रोष जताया।
प्रदर्शन में शामिल अभिभावक संजीव नंदा, संजय राघव, विकास चौधरी, अजय मंधार, जय राम सैनी और अंकुश बक्शी ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग की कथित लापरवाही और निष्क्रियता के कारण निजी स्कूलों को संरक्षण मिल रहा है। हरियाणा के 35 निजी स्कूल विभिन्न मामलों में दोषी पाए जाने के बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि समय रहते दोषी संस्थानों के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जाती, तो शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का कथित आर्थिक शोषण नहीं होता। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की कि दोषी निजी स्कूलों के खिलाफ जल्द पारदर्शी कार्रवाई की जाए और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
अभिभावकों ने कहा कि सभी बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए एक देश-एक किताब तथा एक समान फीस व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और अभिभावकों पर बढ़ता आर्थिक बोझ भी कम होगा। प्रदर्शन के अंत में अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।