भारत सरकार की केमिकल एंड फर्टीलाइजर टीम के साथ मिलकर जिला कृषि एवं कल्याण विभाग की टीम ने शुक्रवार को कई प्लाईवुड फैक्टरियों व टिंबर आढ़तियों के यहां जाकर औचक निरीक्षण किया। टीम में कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. मनजीत नैन, उप निदेशक डॉ. प्रदीप मिल, एसडीएओ राकेश पोरिया, एसएमएस हरीश पांडेय व एपीपीओ रतन सिंह मौजूद रहे। टीम ने एक दिन में 11 जगहों पर जाकर जांच की। टीम ने फैक्टरियों में जाकर यूरिया का रिकॉर्ड जांचा। इसके अलावा टेक्निकल ग्रेड यूरिया के कुछ सैंपल भी लिए। वहीं जो रिकॉर्ड नहीं दिखा सके उन्हें नोटिस दिया गया। यदि वह रिकॉर्ड नहीं दिखाते तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को टीम ने श्री गणेश टिंबर शादीपुर, माउंट ग्रीन प्लाईवुड सरोजनी कॉलोनी, शुभम इंडस्ट्रिज पुराना हमीदा, अरंसन प्लाईवुड इंडस्ट्रियल एरिया, ज्योति इंडिस्ट्रीज, कॉफोर्म प्लाई, जेएमजे प्लाईवुड, सुप्रीम वूडन इंडस्ट्रिज टिंबर मार्केट, दिशिता प्लाई टिंबर मार्केट, चौधरी एसोसिएट नई अनाज मंडी जगाधरी व पीआर इंडस्ट्रिज पुराना में जाकर निरीक्षण किया। विभाग की इस कार्रवाई से फैक्टरी संचालकों में खलबली मची रही। सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई दोपहर बाद तक चली। कई फैक्टरी संचालक तो बाहर ताले लगाकर रफू चक्कर हो गए। इसके अलावा टेक्निकल ग्रेड यूरिया बेचने वाले भी शटर डाउन करके इधर-उधर हो लिए।
कृषि एवं कल्याण विभाग के एसडीएओ राकेश पोरिया ने बताया कि विभाग के इस निरीक्षण का मकसद किसी को परेशान करना नहीं बल्कि कृषि में प्रयोग होने वाले नीम कोटेड यूरिया की तस्करी को रोकना है। इस दौरान कुछ जगहों से यूरिया के सैंपल भी लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। यदि सैंपल फेल आए तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।