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ग्रामीणों ने गांव में नशे की बिक्री न होने देने का लिया संकल्प

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नशे के खिलाफ मीटिंग करते ग्राम पंचायत सदस्य - फोटो : YAMUNA NAGAR
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रादौर ब्लॉक के उन्हेड़ी गांव की ग्राम पंचायत ने नशे के खिलाफ एक अनूठी पहल की है। पंचायत सदस्य और मौजिज लोगों की मौजूदगी सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि गांव में नशीली दवाओं, चिट्टा, स्मैक व शराब आदि जानलेवा नशीले पदार्थों की बिक्री किसी भी सूरत में नहीं होने दी जाएगी। सरपंच परविंदर सिंह राणा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में फैसला लिया गया कि अगर कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों का सेवन करता है तो उसे पहले समझाया जाएगा। वह नहीं मानता है तो उसका सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। वहीं युवाओं में नशे की प्रवृति को रोकने के लिए शाम के वक्त चार से ज्यादा युवाओं के बैठने पर रोक लगाई गई है। इस बारे में जल्द ही गांव में मुनादी भी करवाई जाएगी।
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नशा मुक्त गांव बनेगा उन्हेड़ी : ग्राम पंचायत सदस्य सतपाल नंबरदार, कंवरपाल राणा, कुलदीप राणा, रणधीर सिंह, गुलजार खान, मोहित राणा, कहान सिंह, सरवन सिंह, अनिल राणा आदि ने बताया कि आज के युवा दिन प्रतिदिन किसी न किसी नशे की चपेट में आते जा रहे हैं। जो एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे। आने वाली पीढ़ी को बचाने के लिए कड़े फैसले लेने की जरूरत है। इसी लिए गांव उन्हेड़ी को नशामुक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
आपराधिक घटनाएं भी बढ़ी : गांव के युवाओं में पिछले काफी समय से नशे की लत बढ़ती जा रही है, जिससे युवा नशे की चपेट में आकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के साथ-साथ मौत के मुंह में जा रहे हैं। युवा वर्ग को नशे के गर्त से निकालना है तो ग्रामीणों को स्वयं पहल करनी होगी और अपने बच्चों का स्वयं ध्यान रखना होगा। गांव में कौन-कौन नशा करता है, कौन नशे की सप्लाई करता है, सभी का डाटा तैयार करना होगा।
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नशा किया तो होगा सामाजिक बहिष्कार : ऐसे लोगों का सभी को बहिष्कार करना होगा जो नशे को बढ़ावा दे रहे हैं और खासकर युवा वर्ग को नशे की गर्त में धकेल रहे हैं। गांव का कोई भी युवा या व्यक्ति कहने के बाद भी गांव में नशा बेचता है या सप्लाई करता है तो कोई भी ग्रामीण उसकी मदद नहीं करेगा।
कार्यक्रमों का आयोजन होगा : नशे से दूर रखने के लिए युवाओं में खेलकूद, दौड़ लगाना, कसरत, व्यायाम और लाइब्रेरी आदि को लेकर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसके अलावा समय-समय पर गांव में सेमीनार, जागरूकता रैली और अन्य तमाम तरह की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी।
नई पीढ़ी को नशे की लत से बचाने के लिए सर्वसम्मति से ऐसे लोगों का बहिष्कार करने का फैसला किया है जो नशे को बढ़ावा देंगे। युवाओं की मंडली पर भी रोक लगाई गई है और उन्हें खेलों के प्रति जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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-परविंदर सिंह राणा, सरपंच
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