संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अनाज मंडियों में धान की आवक अब न के बराबर रह गई है। एजेंसियां अपने लक्ष्य छह लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीद चुकी हैं। एक दिन पहले 13 में से केवल नौ मंडियों में धान नहीं आया। इस माह के आखिर तक बाकी बची मंडियों में भी धान आना बंद हो सकता है।
पिछले दिन दिनों में मंडियों में क्रमश: 5,443 एमटी, 1,865 एमटी व 12183 एमटी धान आया है। मंडियों में 6,24,163 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। इसमें से 6,01,732 एमटी धान का उठान हो चुका है जो कि कुल खरीद का 96.41 प्रतिशत है। मंडियों में अभी भी 22,430 बैग धान उठान के लिए पड़ा है। अगले-तीन चार दिनों में सारा धान उठने की संभावना है। वगीं यमुनानगर अनाज मंडी में खरीदे गए धान का उठान शत प्रतिशत पूरा हो चुका है।
मंडियों में 6,24,163 मीट्रिक टन धान में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 2,89,241 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 2,17,304 मीट्रिक टन, हरियाणा भंडारण निगम द्वारा 1,17,618 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। व्यासपुर अनाज मंडी में 57,836 मीट्रिक टन, छछरौली अनाज मंडी में 76,803 मीट्रिक टन, गुमथला राव अनाज मंडी में 8,628 मीट्रिक टन, जगाधरी अनाज मंडी में 84,284 मीट्रिक टन, जठलाना अनाज मंडी में 3,382 मीट्रिक टन, खारवन अनाज मंडी में 5,270 मीट्रिक टन फसल खरीदी गई।
वहीं प्रतापनगर अनाज मंडी में 1,15,672 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर अनाज मंडी में 1,14,012 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। रादौर अनाज मंडी में 58,966 मीट्रिक टन, रणजीतपुर में 50,023 मीट्रिक टन, रसूलपुर मंडी में 14,173 मीट्रिक टन, साढौरा में 34,625 मीट्रिक टन, यमुनानगर में 489 मीट्रिक टन धान की खरीदा गया है।
जगाधरी अनाज मंडी में धान सुखाते मजदूर। संवाद