संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पेपर मिल में क्वार्टरों को खाली कराने के दौरान सोमवार को एक बार फिर से हंगामा हो गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अमित सिंह बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ पेपर मिल में पहुंचे। प्रशासन की इस कार्रवाई का क्वार्टरों में रह रहे लोगों ने विरोध किया। स्टे ऑर्डर देखकर कर प्रशासन की टीम लौट गई।
लोगों का आरोप है कि स्टे ऑर्डर होने के बावजूद प्रशासन गेट पर लगे ताले को जबरन तोड़ कर अंदर घुसा। इस दौरान कुछ घरों के दरवाजे तोड़े गए और सामान को भी नष्ट कर दिया गया। एक घंटा तक क्वार्टरों में रहने के बाद प्रशासन बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौट गया। लोगों ने प्रशासन व पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी दौरान पेपर मिल के एक कर्मी के साथ लोगों की काफी देर तक बहस होती रही।
पेपर मिल स्थित 200 क्वार्टर काॅलोनी निवासी भारती, वंदना, अमित शर्मा, रजनी, हंसराज कांबोज व अन्य ने बताया कि पेपर मिल में रह रहे परिवारों को प्रशासन द्वारा परेशान किया जा रहा है। इस वक्त उनकी कॉलोनी में करीब 40 परिवार रह रहे है, जिनके करीब 300 सदस्य हैं। उनके परिवार के सदस्य पेपर मिल में काम करते थे। वर्ष 2015 तक पेपर मिल की स्थिति ठीक थी। बाद में घाटा बताकर पेपर मिल को दिवालिया घोषित करके इसे किसी और को बेच दिया गया। जो कर्मचारी इसमें काम कर रहे थे उनका वेतन, फंड, पेंशन समेत अन्य राशि का करीब 20 करोड़ रुपये पेपर मिल की तरफ बकाया है। यह राशि आज तक उन्हें नहीं दी गई है।
मिल का गेट बंद कर तैनात कीं महिला पुलिस कर्मचारी
जैसे ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ पेपर मिल में पहुंचे तो मुख्य गेट को अंदर से बंद कर दिया गया। वहीं क्वार्टरों में रहने वाले काफी लोग बाहर खड़े थे। गेट पर महिला पुलिसकर्मियों को सिविल वर्दी में गेट पर तैनात कर दिया गया, जिससे पुरुष उनके साथ जोर जबरदस्ती करते हुए अंदर घुसने का प्रयास न करें। लोगों ने बताया कि उन्होंने कोर्ट के ऑर्डर ड्यूटी मजिस्ट्रेट को दिखाए लेकिन किसी ने भी आदेशों को नहीं माना। करीब एक घंटे तक बाहर हंगामा चलता रहा। अंदर पुलिस खड़ी रही। बाद में पुलिस गाड़ियों में बैठकर निकल गई। जब टीम लौटी तब भी लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। प्रशासन की ट्रैक्टर-ट्रॉली भी लोगों ने वापस भेज दी।
प्रशासन पर आरोप लोगों ने कहा कि कोर्ट से 26 मई को दोपहर दो बजे तक का स्टे मिला है। इसके बावजूद प्रशासन दबंगई दिखा रहा है। कोर्ट के ऑर्डर मानने से भी मना कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन पेपर मिल प्रबंधन के साथ मिलीभगत कर अवैध रूप से इन क्वार्टरों को खाली कराने का प्रयास कर रहा है। इससे पहले भी प्रशासन जबरन घुस कर क्वार्टर खाली कराने का प्रयास कर चुका है। लोगों ने आरोप लगाया प्रशासन ने उनके दरवाजों को तोड़ दिया और सामान को नष्ट कर दिया।
कोई तोड़फोड़ नहीं की ः नायब तहसीलदार
ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अमित सिंह ने बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि लोगों के पास 26 मई को दोपहर दो बजे तक के लिए कोर्ट से स्टे ऑर्डर है। वहां पहुंचने के बाद ऑर्डर दिखाया गया तो टीम लौट आई। इस दौरान किसी क्वार्टर में न तो तोड़फोड़ की गई और न ही किसी का सामान नष्ट किया।