फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: रिश्वत मांगने वाले पुलिस कर्मचारियों का सुराग नहीं

Tue, 27 May 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। एनडीपीएस एक्ट में संदिग्ध आरोपी को क्लीन चिट देने की एवज पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपी सीआईए-1 के सहायक उप निरीक्षक उमेश, मुख्य सिपाही व सिपाही फरार है। केस दर्ज होने के तीन दिन बाद भी तीनों आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
तीनों आरोपियों पर शुक्रवार रात को एंटी करप्शन ब्यूरो पंचकूला ने केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया ने तीनों कर्मचारियों का निलंबित कर दिया था। तीनों की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। फर्कपुर की खड्ढा कॉलोनी निवासी जुनैद ने ब्यूरो को दी शिकायत में बताया कि बीती नौ अप्रैल को फर्कपुर थाना पुलिस ने उनकी कॉलोनी से सुढैल निवासी रवि और खड्ढा कॉलोनी निवासी सुरजीत को नौ ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन

इसकी जांच तब फर्कपुर थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक उमेश कुमार को सौंपी गई थी। जांच अधिकारी उमेश ने उसे थाने बुलाया और कहा कि स्मैक के साथ पकड़े दोनों युवकों ने उसका भी स्मैक प्रकरण में शामिल होना बताया है और साक्ष्य भी दिए हैं। तब उसने डराते हुए थाना प्रबंधक के नाम पर उससे 10 हजार रुपये ले लिए थे।
इसके बाद सहायक उप निरीक्षक उमेश का तबादला सीआईए-1 में हो गया। वह मुकदमे की फाइल को उसने अपने पास ही दबाए रहा। जुनैद ने बताया कि कुछ दिन पहले उमेश ने उसे फोन पर कर बताया कि जेल भेजे गए दोनों युवकों ने उसका भी स्मैक प्रकरण में शामिल होना बताया है। यदि बचना है तो 50 हजार रुपये देने होंगे। लेकिन उसने इतने अधिक रुपये देने से इंकार कर दिया।
तब सीआईए एक में तैनात मुख्य सिपाही विनीत और सिपाही धर्मवीर ने फोन कर उसे धमकाया और 20 हजार रुपये मांगे। इससे परेशान होकर वह पंचकूला में एंटी करप्शन ब्यूरो के पास पहुंच गया। यहां उसने ब्यूरो के डीएसपी विजय नेहरा को आरोपी उमेश, विनीत व धर्मवीर की ऑडियो कॉल की रिकॉर्डिंग सुनाई और शिकायत दी।
विज्ञापन

डीएसपी विजय नेहरा ने तीनों को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई और 20 हजार रुपये देने के लिए आरोपियों को बुलाने को कहा। योजना के तहत डीएसपी विजय नेहरा अपनी टीम के साथ तीनों को रंगे हाथ पकड़ने यमुनानगर पहुंचे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें