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Yamuna Nagar News: आजादी से पहले बने जर्जर स्कूल में पढ़ रहे एक हजार बच्चे

Sat, 02 Aug 2025 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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सुरेश सैनी
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यमुनानगर। जिला मुख्यालय से चार किमी. दूर हमीदा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है। यह स्कूल आजादी मिलने के एक साल पहले 1946 में बना था। ऐसे में इसे बने 79 साल हो चुके। वर्तमान में स्कूल दो शिफ्ट में चल रहा, जिसमें एक हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं।
रिकॉर्ड के मुताबिक स्कूल को 26 मई 2022 को कंडम घोषित कर दिया गया है। इसके बावजूद इस इमारत में खतरे के साये में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे। इमारत की जर्जर हालत के चलते यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सभी बच्चे स्थानीय हैं। आसपास कोई सरकारी स्कूल न होने पर अभिभावकों को पढ़ाई के लिए उन्हें यहां भेजना मजबूरी है। इस इमारत में 11 कमरे बने हैं, पुरानी इमारत होने के चलते अब इसके कुछ कमरों से पानी भी टपकने लगा है। ऐसे में बरामदे में ही क्लास लगानी पड़ रही है। पानी की सीलन के कारण हर वक्त क्लास रूम से बदबू आती रहती है।
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सबसे ज्यादा खराब हालात बारिश के समय बनते हैं। स्कूल के साथ ही बड़ा गंदा नाला गुजर रहा है, जिसका ओवरफ्लो पानी स्कूल में भर जाता है। कई बार कक्षाओं व प्रिंसिपल ऑफिस में गंदा पानी भर चुका है। इतना ही नहीं स्कूल का कोई अपना ग्राउंड नहीं, इमारत के अंदर खाली पड़े कुछ हिस्से पर बड़ा पेड़ लगा है, जिसके नीचे बेंच रखे हैं। अक्सर यहीं पर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। संवाद
नए भवन के लिए मुख्यालय को लिखा
स्कूल के प्रिंसिपल राकेश कुमार के मुताबिक तीन साल से यह इमारत जर्जर घोषित है। अन्य कोई जगह न होने पर बच्चों को यहीं पर शिक्षा देना विभाग की मजबूरी है। स्कूल की इमारत को गिराने के लिए 13 फरवरी 2024 को बोली भी हो चुकी, जो बाद में निरस्त हो गई। नए भवन के लिए मुख्यालय को कई बार पत्राचार भी किया जा चुका है, लेकिन चुनाव का अड़ंगा आनेे के कारण इमारत का कार्य नहीं लग पाया।
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ये इमारत जर्जर घोषित है। नई इमारत बनाने के लिए पहले बच्चों को दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जाना जरूरी है। आसपास कोई कम्युनिटी सेंटर देखा गया है, उस पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही कोई न कोई समाधान निकल आएगा। - धर्मेंद्र कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी यमुनानगर।
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