फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: रामनवमी पर मंदिरों से घरों तक गूंजे जयकारे

Mon, 07 Apr 2025 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


जगाधरी। रामनवमी के दिन जिले के सभी क्षेत्र व गलियां राममयी हो गई। हर तरफ से जय श्रीराम और सियावर रामचंद्र की जय के घोष सुनाई दे रहे थे। रविवार को चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर जहां नवरात्र पूजन उत्सव का समापन किया गया, वहीं रामनवमी पर्व धूमधाम से मनाया गया।
राम जन्मोत्सव की जिलेभर में धूम देखने को मिली। मंदिरों से सुबह जय श्रीराम के घोष सुनाई दिए। मंदिरों के कपाट भोर में ही खोल दिए गए थे, परंतु श्रीराम दरबार व मंदिर बंद रहा। दोपहर 12 बजे के करीब मुहूर्त के अनुसार श्रीराम मंदिर के द्वार दर्शन के लिए खोले गए। इस दौरान श्रीराम दरबार व श्रीराम की प्रतिमा भव्य रूप से सजायी गई थी।
विज्ञापन

उधर, शहर के लालद्वारा गेट के सामने स्थित रघुनाथ मंदिर, रामपुरा स्थित हनुमान मंदिर, प्राचीन चिट्टा मंदिर, श्रीमूर्ति देवी मंदिर, जगाधरी देवीभवन मंदिर, श्रीराधाकृष्ण मंदिर सहित सभी शिवालयों व मंदिरों में कार्यक्रम हुए। रघुनाथ मंदिर, हनुमान मंदिर में चल रहे श्रीरामचरित्र मानस पाठ का समापन रविवार को हवन के साथ किया गया। इसके अलावा मंदिरों में संकीर्तन व भजन संध्या के कार्यक्रम हुए।

हनुमान मंदिर के शिखरों पर स्थापित किए कलश

यमुनानगर। रामपुरा कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर में 35 लाख की लागत से बने तीनों शिखरों पर रविवार को कलश स्थापित किए गए। अष्टधातु से निर्मित इन कलशों पर सोने का पानी चढ़ाया गया। इसके साथ मंदिर में चल रहे श्रीरामचरित मानस पाठ का समापन हो गया। वहीं, संकीर्तन में श्रद्धालु भजनों पर जमकर झूमे। श्रीराम जन्म घड़ी के बाद खीर का प्रसाद वितरित किया गया। पुजारी शारदा मिश्रा ने बताया कि मंदिर में स्थापित मूर्तियों के ऊपर 35 लाख रुपये से तीन गुंबद बनाए गए हैं। इन गुंबद पर कलश स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल को मंदिर में भक्त शिरोमणि हनुमान जी का जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।
विज्ञापन


भूमि सुपोषण के लिए शपथ दिलाई
जगाधरी। गांव दुधला सैनियान व झिंजरों में रविवार को ग्राम विकास समिति की ओर से श्रीराम जन्मोत्सव पर हवन करवाया गया। वहीं, इस दौरान भूमि सुपोषण कार्यक्रम भी किया गया। इस दौरान गुरुकुल कुरुक्षेत्र से आचार्य जयपाल ने हवन करवाया। उन्होंने भजनों से प्रभु श्रीराम की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्श व उनके जीवन के बारे बताया। उसके बाद जीरो बजट खेती व मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने व सुपोषण के लिए किसानों को शपथ दिलाई। ग्राम विकास संयोजक रमेश ने कहा कि सदियों से भारत का किसान समृद्ध, सम्पन्न व पर्यावरण प्रेमी रहा है। परंतु कुछ वर्षों में भूमि के प्रति किसानों के दृष्टिकोण में बहुत ज्यादा बदलाव आया है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें