संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी अब प्रतिदिन दो विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। यह जांच बिना किसी पूर्व सूचना के की जाएगी, ताकि स्कूलों में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके। अधिकारियों को निरीक्षण के बाद रजिस्टर में रिपोर्ट दर्ज करनी होगी।
निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील की गुणवत्ता को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारी जांच करेंगे कि विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन दिया जा रहा है या नहीं। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और वितरण व्यवस्था का भी जायजा लिया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रबंधों की जांच होगी।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों को स्कूल में सुरक्षित वातावरण मिले और किसी भी तरह की लापरवाही न हो। निरीक्षण में मिलने वाली कमियां दूर करने के लिए प्रभारी को समय दिया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में खामियों को दूर नहीं होती हैं, तो मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। निरीक्षण के दौरान दर्ज की गई रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार की निगरानी भी की जाएगी।
अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों की भी होगी जांच
जिले में अस्थायी मान्यता के आधार पर संचालित निजी विद्यालयों की भी जांच की जाएगी। अधिकारी इन स्कूलों में निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध सुविधाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लेंगे। निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेजी जाएगी। विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति के आधार पर अगले शैक्षणिक सत्र के लिए मान्यता संबंधी निर्णय लिया जाएगा।
अधिकारी हर दिन दो स्कूलों की जांच कर अपनी रिपोर्ट बनाएंगे। खंड व जिलास्तर की टीम बनाई गई हैं। इसमें विद्यार्थियों की सुरक्षा व मिलने वाली सुविधाओं की जांच की जाएगी। - प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।