संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। अंबाला के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) डॉ. विनोद भाटिया ने बुधवार को यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के स्टेशन पहुंचे डीआरएम को देखकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे।
उन्होंने स्टेशन परिसर सहित रेलवे कॉलोनी का निरीक्षण किया। डीआरएम ने जिम्मेदारियों संबंधी अधिकारियों से सवाल किया तो सभी के मुंह पर ताला लग गया और बगले झांकते रहे। उन्होंने कहा कि यदि कोई समस्या किसी दूसरे विभाग के अधिकारी या कर्मचारियों को दिखती है तो वे संबंधित विभाग को सूचना क्यों नहीं देते हैं। काम के अलावा मौलिक जिम्मेदारी भी बनती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आप को अपनी कार्यप्रणाली पर शर्म आनी चाहिए। यही नहीं रेलवे कॉलोनी का निरीक्षण किया तो वहां बेहद बुरा हाल मिला।
डीआरएम ने कॉलोनी में गंदगी आलम देखकर कहा कि यहां महीनों से झाडू नहीं लगा है। कॉलोनी में चारों तरफ गंदगी और नालियां जाम मिली। वहीं, सीवरेज के ढक्कन टूटे हुए और स्लैब से सरिये तक बाहर निकल रहे थे। जिस पर डीआरएम ने कहा कि इस पर कभी किसी की नजर नहीं पड़ी। इससे टकरा कर कोई भी घायल हो जाए तो जिम्मेदारी किसे कहोगे।
कॉलोनी का निरीक्षण के दौरान वे क्वार्टर देखकर हैरान हो गए। सभी क्वार्टर सड़क से नीचे हैं। इस दौरान उन्होंने कॉलोनी के लोगों से बातचीत की और समस्याओं के बारे पूछा। लोगों ने बताया कि बारिश में उनके घरों में पानी भर जाता है। नालियों व सीवरेज जाम रहती हैं।
डीआरएम डॉ. विनोद भाटिया ने जनवरी में कार्यभार संभाला है। यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन पर यह उनका पहला दौरा था। इस दौरान उन्होंने जमकर अधिकारियों को फटकारा और सभी कमियां जल्द दूर करने के आदेश दिए। वहीं, उन्होंने अपनी टीम के अधिकारियों को इसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए। डीआरएम का यह निरीक्षण पूरी तरह औचक था। इसके बारे अधिकारियों को कुछ देर पहले ही सूचना मिली थी।
डीआरएम अपने निरीक्षण यान में यहां पहुंचे थे। उनकी वैन एक नंबर प्लेटफार्म पर स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के सामने रुकी। करीब एक घंटा स्टेशन व रेलवे कॉलोनी का निरीक्षण किया। एसएस कार्यालय में उन्होंने अधिकारियों से अमृत महोत्सव के कार्यों की जानकारी ली। साथ ही कमियां सुधारने के निर्देश दिए।