यमुनानगर। अब शहर में पेयजल किल्लत नहीं रहेगी। इसके लिए करीब 70 किमी लंबी पेयजल पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 64 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है।
जानकारी के अनुसार यमुनानगर शहर के आसपास आउटर वाले क्षेत्र और शहर में शामिल हुए गांवों में अभी पानी की लाइन नहीं पहुंच रही थी। इसके अलावा अवैध रूप से विकसित हुई काॅलोनियों में भी पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं थी। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अमृत योजना फेस-2 में पेयजल को लेकर नया प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत शहर में जहां पर पानी की पाइप लाइन नहीं है उन क्षेत्रों में पाइप लाइन डालने का काम किया जाएगा। करीब 70 किमी लंबी पाइप लाइन डालने का काम होगा। यही नहीं पाइप लाइन के साथ-साथ पानी की सप्लाई के लिए नए ट्यूबवेल भी लगाए जाएंगे। अलग-अलग स्थानों पर पांच ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। जिससे शहर में हर घर तक पेयजल की आपूर्ति होगी। इस परियोजना पर करीब 64 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
हाल ही में वैध घोषित हुई काॅलोनियों में होगा काम
शहर के आसपास बड़ी संख्या में अवैध काॅलोनी काटी गई थी। हाल ही में इन कालोनियों को वैध घोषित कर कलेक्टर रेट तय किए गए थे। अमृत योजना में इन सभी 64 कालोनियों को भी शामिल किया गया है। जिससे इन कालोनियों में भी पाइप लाइन डालने का काम हो सकेगा।
अमृत योजना के दूसरे चरण में शहर में पेयजल परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। परियोजना में पांच ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। साथ ही 70 किमी लंबी पाइप लाइन भी डाली जाएगी।
-दिनेश गाबा, अधिशासी अभियंता यमुनानगर जन स्वास्थ्य विभाग।