यमुनानगर। सर्दी की दस्तक के साथ अलसुबह से दिन के समय भी धुंध छाने लगी है। इस बीच शहर की सड़कें हादसे की वजह बन सकती है, क्योंकि नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के अंतर्गत अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं या कच्ची हैं। कई सड़कें गड्ढों में तबदील हैं तो काफी सड़कों पर महज बजरी बिखरी हैं। ये हालात धुंध के सीजन में खतरनाक हो सकते हैं। हालांकि वार्ड पार्षद मानसून सीजन के बाद से सड़कों के निर्माण व मरम्मत की मांग कर रहे हैं, पर उसके बाद भी ज्यादातर सड़कों के हालात जस के तस हैं।
इनमें खासकर तारकोल की सड़कें दिसंबर में जनवरी के बीच सर्दी में कम तापमान के बीच नहीं सुधर पाएंगी, इसलिए पार्षद निगम अफसरों की कार्यप्रणाली से नाराज हैं। इस पर वह आगामी सदन बैठक में विरोध दर्ज कराने का मन बना चुके हैं। बता दें कि शहर में शहीद भगत सिंह चौक से गुरु नानक खालसा कॉलेज रोड, चूना भट्टी से यमुना नहर की पटरी, चिट्टा मंदिर रोड, तेजली गांव से निकल रही मुख्य सड़क, श्री लाल द्वारा रोड, सेक्टर-17 व 18 और मॉडल टाउन में मुख्य व लिंक मार्ग, जगाधरी में रेलवे बाजार, प्रकाश चौक से इंजीनियरिंग कॉलेज व अन्य सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इनमें मानसून से पहले ही गड्ढे थे, जिनका गत पांच दिन की बारिश में आकार और बढ़ गया है। चिट्टा मंदिर रोड व शहीद भगत सिंह चौक से गुरु नानक खालसा कॉलेज रोड पर तो जगह जगह केवल बजरी बिखरी रह गई है। जिस पर आने जाने वाले राहगीर व वाहन चालक दिक्कत झेल रहे हैं। जिन पर वाहन चालक गड्ढों के झटके झेल बचते-बचाते निकल रहे हैं। कई गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं।
धुंध के सीजन में सड़कें गड्ढा मुक्त होनी जरूरी : वार्ड सात से पार्षद रामआसरा भारद्वाज, आठ से पार्षद विनोद मरवाह, तेरह से पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि धुंध का सीजन शुरू हो चुका है, पर अभी भी शहर की अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। जिन पर धुंध के सीजन के मद्देनजर तुरंत निर्माण व मरम्मत कार्य पूरा करना चाहिए। यही मांग मानसून के बाद से लगातार की गई, पर उसे नजरअंदाज कर दिया गया। अब दिसंबर व जनवरी में खासकर तारकोल की सड़कों की हालत कम तापमान के बीच नहीं सुधरी जा सकेंगी। क्योंकि कम तापमान में तारकोल-बजरी की पकड़ नहीं बन पाती।
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वर्जन-
शहर की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा रहा है। इसके लिए मरम्मत कार्य चल रहा है। साथ ही अन्य सड़कों का निर्माण भी कराया जा रहा है। जहां यह कार्य बाकी है, वहां भी जल्द पूरा कराया जाएगा।
- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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