संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल में सीटी स्कैन कराने की प्रक्रिया में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत सीटी स्कैन कराने के लिए मरीज को ओपीडी पर्ची के साथ इमरजेंसी (आईपीडी) फाइल बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस बदलाव के चलते मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में अतिरिक्त काउंटरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पहले मरीज पांच रुपये की ओपीडी पर्ची बनवाकर डॉक्टर से सलाह लेने के बाद सीधे सीटी स्कैन के लिए भेज दिया जाता था, लेकिन अब उन्हें पहले ओपीडी पर्ची बनवानी होगी और फिर अलग से इमरजेंसी फाइल तैयार करवानी पड़ेगी, जिसके लिए 10 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। इस प्रक्रिया में समय और मेहनत दोनों अधिक लग रहे हैं।
अस्पताल में इलाज कराने आए जयपाल ने बताया कि उसे अपने पिता का सीटी स्कैन करवाना था। पहले ही बीमारी के कारण परेशान हैं। अब फाइल बनवाने के लिए पता नहीं कहां-कहां जाना पड़ रहा है। बुजुर्ग और गंभीर मरीजों के लिए यह व्यवस्था और भी कठिन साबित हो रही है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में स्टाफ की कमी और लंबी कतारों के कारण फाइल बनवाने में काफी समय लग जाता है, जिससे जांच में देरी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बदलाव के पीछे मुख्य उद्देश्य बाहरी मरीजों पर अंकुश लगाना माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार पहले जिले के बाहर से आने वाले मरीज भी सरकारी पर्ची बनवाकर कम शुल्क में सीटी स्कैन करवा लेते थे। इससे सरकार पर आर्थिक भार बढ़ रहा था, क्योंकि सीटी स्कैन की सुविधा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के तहत मनीपाल हेल्थ केयर के सहयोग से संचालित की जा रही है। इसके लिए भुगतान सरकार की ओर से किया जाता है।
नई व्यवस्था लागू होने से अब सीटी स्कैन कराने वाले हर मरीज का रिकॉर्ड अस्पताल में सुरक्षित रहेगा, क्योंकि आईपीडी फाइल यहीं जमा की जाएगी। इससे जांच और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले वित्त वर्ष में मनीपाल हेल्थ केयर के माध्यम से जिले में करीब 12,500 सीटी स्कैन किए गए, जिनमें से लगभग 9,000 जांच मुफ्त की गई थीं। गत सप्ताह जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पर कांग्रेस ने प्रदर्शन भी किया था। कांग्रेस के जिला शहरी प्रधान देवेंद्र सिंह का कहना है कि इससे मरीजों की परेशानी बढ़ेगी और उन्हें इलाज कराने में दिक्कत होगी। इस प्रक्रिया को आसान बनाया जाए।
मुख्यालय से मिले आदेश पर व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब सीटी स्कैन कराने वालों का अस्पताल में रिकॉर्ड रहेगा। वहीं मरीजों की बीमारी का फॉलोअप भी किया जा सकेगा। मरीजों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. विपुल गोयल, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।