संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अग्निशमन विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि निजी स्कूलों में बच्चों को अग्निकांड से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। इस पर जिला दमकल अधिकारी ने 48 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया है। साथ ही जल्द इंतजाम पूरे न करने पर फायर एनओसी रद्द करने की चेतावनी दी है।
निजी स्कूलों ने जो प्रबंध दिखाकर दमकल विभाग से फायर एनओसी ली थी, उनमें से कुछ भी स्कूलों में नहीं है। आग बुझाने के नाम पर केवल दो-चार सिलिंडर लगे हैं। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम समय-समय पर जिले का दौरा करती रहती है। टीम ने पिछले दिनों कई निजी स्कूलों में पहुंच कर बसों के चालान भी काटे थे। क्योंकि स्कूल बसों में बहुत सारी कमियां थी।
इसी के साथ ही आयोग के सदस्य अनिल लाठर ने दमकल विभाग को यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी थी कि वह सभी निजी स्कूलों में जाकर जांच करें। यह देखें कि फायर एनओसी लेने के लिए निजी स्कूलों ने जो दस्तावेज जमा करवा रखे हैं उनके हिसाब से स्कूलों में आग से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम हैं या नहीं। इस पर दमकल विभाग की टीम ने जिले के निजी स्कूलों में जाकर जांच की।
जांच 90 प्रतिशत से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं, जिनमें फायर लाइन ही नहीं है। इसके अलावा अन्य उपकरणों का भी अभाव है। स्कूलों ने दिखावे के नाम पर केवल फायर सिलिंडर रखे हुए हैं। ताकि कोई बाहर से जांच करने आए तो उन्हें यह सिलिंडर दिखाए जा सके। अनिल लाठर ने दमकल अधिकारी को शिक्षा विभाग के साथ मिलकर इन स्कूलों में फायर सुरक्षा के प्रबंध कराने को कहा था। जो ऐसा नहीं करता उसकी फायर एनओसी रद्द की जाए।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य अनिल लाठर ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई करने के लिए कहा था। दमकल विभाग ने कितने स्कूलों की फायर एनओसी रद्द की या फिर कितने में आग से सुरक्षा निपटने के प्रबंध हो चुके हैं इसके बारे में कोई रिपोर्ट नहीं आई है। जल्द ही आयोग सदस्य दौरा करेंगे। तब दमकल विभाग से रिपोर्ट ली जाएगी। -रंजन शर्मा, कार्यवाहक जिला बाल संरक्षण अधिकारी।
जिन निजी स्कूलों में फायर एनओसी के हिसाब से आग से निपटने के प्रबंध नहीं हैं, उन्हें नोटिस जारी किया है। इसी महीने नोटिस का समय खत्म हो जाएगा। इसके बाद फिर जांच की जाएगी। जिनके यहां प्रबंध नहीं होंगे उनकी फायर एनओसी रद्द की जाएगी। -पंकज पराशर, जिला दमकल अधिकारी, यमुनानगर।