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Yamuna Nagar News: 15 करोड़ की ठगी में एक रुपया भी नहीं हुआ बरामद

Tue, 17 Jun 2025 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर करीब 80-85 लोगों से 15 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में रिमांड पर ली गई रमनदीप कौर से पुलिस पूछताछ कर रही है। दो दिन के रिमांड पर ली रमनदीप कौर से पुलिस सोमवार देर शाम तक करोड़ों रुपये की ठगी में से एक रुपया भी बरामद नहीं कर पाई। न ही पुलिस मामले में फरार चल रहे तीन अन्य आरोपी अजीतपाल, प्रदीप सिंह व अजय कुमार को गिरफ्तार कर पाई है।
गांधी नगर थाना प्रभारी जगबीर सिंह का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनकी टीम दबिश दे रही है। वर्क वीजा पर ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 80-85 लोगों से 15 करोड़ रुपये ठगी की गई थी। ठगी के शिकार लोगों ने बीते मंगलवार की रात को कन्हैया साहिब चौक स्थित ग्लोबल इंफोटेक कार्यालय पर आकर जमकर हंगामा किया था।
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ये लोग हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से है। ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए इन लोगों को बीते मंगलवार को दिल्ली टिकट व वीजा देने के लिए बुलाया गया था।
रुपये लेने वाले आरोपी ठग उन्हें वहां नहीं मिले। जिसके बाद सभी कारों में सवार होकर कन्हैया साहिब चौक स्थित ग्लोबल इंफोटेक कार्यालय पर पहुंचे। लेकिन यहां कार्यालय बंद मिला। संचालकों व एजेंटों के नंबर बंद आते रहे। जिस पर ठगी का शिकार हुए लोगों ने यहां जमकर हंगामा किया।
तब खेड़ी गांव निवासी साहिल, प्रदीप कुमार, ललित सैनी व अन्य ने बताया कि कुछ माह पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें ग्लोबल इंफोटेक की जानकारी मिली थी।
कार्यालय में उनकी मुलाकात कंपनी के संचालक अजय कुमार, प्रदीप सिंह व उसकी पार्टनर रमनदीप कौर से हुई। उन्होंने उन्हें कहा था कि वे ग्रुप को ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा दिलवा रहे हैं। आरोपियों ने दावा किया था कि कम समय और कम खर्च में सौ प्रतिशत गारंटी से वीजा मिलेगा। 31 मई को उन्होंने आरोपियों को दस्तावेज दिए। आरोपियों ने 10 दिन में वीजा दिलाने की बात कही और प्रत्येक युवक से 20 लाख रुपये मांगे।
इस दौरान किसी ने दस लाख रुपये तो किसी ने 15 से 20 लाख रुपये जमा कराए। रुपये लेने के बाद आरोपियों ने उन्हें वीजा व टिकट दिए और मंगलवार को दिल्ली के शांति होटल में बुलाया। दिल्ली पहुंचने पर होटल में आईडी दिखाकर रूम मांगा तो स्टाफ ने बताया कि उनकी कोई बुकिंग नहीं है। जब उन्होंने एजेंटों को फोन किया तो उन्होंने कहा कि खुद कमरा बुक कर लो, वे आकर पेमेंट कर देंगे।
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सभी ने कमरे बुक कर लिए। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन टिकट चेक की तो वह रद मिली। बाकी ने भी अपनी अपनी टिकट का स्टेटस जांचा तो सभी की टिकट रद थी। कंपनी संचालक व अन्य एजेंटों को फोन किया तो उनके नंबर भी बंद आते रहे। बाद में पुलिस ने ग्रीन विहार काॅलोनी निवासी लवली बंसल की शिकायत पर केस किया था।
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