संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कालिंदी कॉलोनी में छह फरवरी को सनमाइका कारोबारी हिमांशु विज के घर हुई फायरिंग से पहले विदेश में बैठे कुख्यात नोनी राणा ने विदेशी नंबर से फोन कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी के पैसे न देने पर आरोपी ने कारोबारी व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। वारदात के पांच दिन बाद शहर पुलिस ने सोमवार रात को कुख्यात नोनी राणा को नामजद करते हुए अन्य पर केस दर्ज किया है।
बताया जा रहा है कि कारोबारी सरकार के एक कद्दावर कैबिनेट मंत्री का नजदीकी है। इसके चलते मामले में पुलिस अभी भी बोलने को तैयार नहीं है। यहां तक कि केस दर्ज होने की जानकारी होने से भी मना किया जा रहा है। कालिंदी कॉलोनी निवासी कारोबारी हिमांशु विज से छह फरवरी को रंगदारी मांगी गई। उस समय वह अपने घर पर मौजूद था। इस दौरान उसके मोबाइल पर विदेशी नंबर से कॉल आई।
जब उसने कॉल उठाई तो कॉल करने वाले ने खुद को नोनी राणा बताया और उससे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। रंगदारी के पैसे न देने पर उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। उसने कॉल को अनसुना कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए उसके घर पर चार राउंड फायर किए।
पुलिस ने सुरक्षा दी है लेकिन इसके बावजूद आठ फरवरी को फिर से विदेशी नंबर से काल की गई और कारोबारी से एक करोड़ रुपये मांगे। यह भी धमकी दी गई कि यदि रुपये नहीं दिए तो यह फायरिंग ट्रेलर था। आगे अंजाम देख लेना। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि मामले में केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।
सीआईए इंस्पेक्टर भी निशाने पर
सूत्रों का दावा है कि फायरिंग की घटना से पहले कारोबारी को फोन पर धमकी मिली थी। फोन करने वाले ने खुद को नोनी राणा बताया और कारोबारी से गाली गलौज की। साथ ही जान से मारने की धमकी दी। कॉल करने वाले ने धमकी दी कि पहले सीआईए इंस्पेक्टर ने तुम्हारी मदद की थी, वह भी निशाने पर है। बताया जा रहा है कि कारोबारी से पहले भी रंगदारी मांगी गई थी। उस मामले में केस दर्ज कराया गया था।
ये है मामला
बीते वीरवार को शहर थाना क्षेत्र की कालिंदी काॅलोनी में बाइक सवार दो शूटरों ने फायरिंग की थी। फायरिंग की वारदात होने से पहले कारोबारी को नोनी राणा ने फोन कर धमकी दी थी। जिस कारण वारदात को लेकर कारोबारी का परिवार दहशत में है। पुलिस के साथ साथ एसटीएफ की टीमें भी काम कर रही है। पुलिस ने बाइक सवार बदमाशों की तलाश में टीमें ने यमुनानगर और आसपास जिलों में भी जांच कर रही हैं। अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं।