यमुनानगर। जगाधरी वर्कशॉप रेलवे काॅलोनी से फर्कपुर रोड पर बंद रेलवे फाटक को खुलवाने की मांग को लेकर शुक्रवार को इलाकावासियों ने उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा के बैनर तले लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष महेन्द्र मित्तल ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से रेलवे कालोनी से फर्कपुर रोड की और जाने वाले रेलवे फाटक के रास्ते को बंद किया हुआ है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रहने वाले व्यापारियों का न केवल व्यापार खत्म हो गया बल्कि इस क्षेत्र की कालोनियों के वासी भी शहर से अलग हो गए। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र से पूर्व सांसद एवं वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आमजन के लिए दोपहिया वाहन और पैदल मार्ग की मांग मान ली थी।
इस कार्य के लिए राशि भी मंजूर कर ली गई लेकिन मुख्यमंत्री बनने से यह परियोजना सिरे ही नहीं चढ़ी। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल आने जाने के लिए उसी रास्ते का इस्तेमाल करना होता है। वहीं बुजुर्ग, दिव्यांग एवम गर्भवती महिलाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में लंबे रास्ते से लेकर जाना बढ़ा कष्टदायी और जोखिम भरा होता है।
उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि इस रास्ते को जल्द से जल्द खोला जाए। इस मौके पर बड़ी संख्या में इलाका वासी शामिल रहें। इस मौके पर प्रेम सैहगल, राजकिशन, हेमंत, महेश कुमार, गुरमेल सिंह, सतपाल काका, अर्पिंदर सिंह, अनूप रोहिला, चेतन मलिक, हरपाल सिंह बाजवा, जसवंत सिंह, सूरज, रामशरण कश्यप, बाबूराम, अजय, अनिल गुप्ता, रमेश शर्मा, अमरजीत, नीलकान्त, विनोद कुमार, तिलक राज, प्रेम सहगल, भारत वर्मा, दीवान अरोड़ा, विजय सपरा, जानकी प्रसाद मौजूद रहे।
वहीं फर्कपुर निवासी प्रेम सहगल, राजकृष्ण व हेमंत जोशी ने कहा कि फाटक बंद होने से संपर्क बंद हो गया है। महिलाओं व बच्चों को व पैदल आने जाने वाले स्थानीय निवाटी बहुत परेशान है। नया अंडर पास डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है जिसमें लाइटें भी नहीं है। जिस वजह से महिलाएं व बच्चे अंडर पास में जाने से डरते हैं।
फाटक बंद होने से बंद हुआ संपर्क
वहीं फर्कपुर निवासी प्रेम सहगल, राजकृष्ण व हेमंत जोशी ने कहा कि फाटक बंद होने से संपर्क बंद हो गया है। महिलाओं व बच्चों को व पैदल आने जाने वाले स्थानीय निवाटी बहुत परेशान है। नया अंडर पास डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है जिसमें लाइटें भी नहीं है। महिलाएं व बच्चे अंडर पास में जाने से डरते हैं।