संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। 100 साल पुराना बाड़ी माजरा का पुल मंगलवार शाम पांच बजे बीच में से अचानक टूट कर दो हिस्सों में बंट गया। इस घटना को 24 घंटे से अधिक हो गए। मगर विभागीय अधिकारियों ने अभी तक कोई भी चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया। पुल के नीचे से बह रही पश्चिमी यमुना नहर से ही मिट्टी निकाल कर टूटे पुल के दोनों छोर ढेर लगाकर इतिश्री कर ली गई। मगर, अभी भी लोग पुल कैसे और कहां से टूटा को देखने के लिए नजदीक आकर ताकझांक कर रहे। इन्हें रोकने के लिए मौके पर कोई व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में पुल का बचा हिस्सा भी कभी ढह सकता है।
विभाग का दावा, कर्मी कर रहे कार्य
उधर, सिंचाई विभाग के दावे के अनुसार पुल कर्मचारी काम कर रहे हैं। पुल के दोनों तरफ दीवार के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसकी सच्चाई जाने के लिए कार्यालय से टीम मौके पर पहुंची। हमने यहां देखा संबंधित विभाग का कोई कर्मचारी नहीं लगा था। केवल एक बीएसएनल कर्मी लगा था जो अपनी केवल को हटा रहा था। यहां तक कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया। बाड़ी माजरा की तरफ से दो से तीन लोग इस पुल पर खड़े थे। जिन्हें कोई रोकने-टोकने वाला नहीं था। उधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है जनता को रोकने के लिए दोनों तरफ मिट्टी भी डाली गई और जल्द ही इस गिरे पुल के हिस्से सहित इसे मुख्यालय से मंजूरी लेने के बाद पूरी तरह से गिरा दिया जाएगा।
मुख्यालय से मंजूरी लेकर इस पुल को गिरा जाएगा। हमने कर्मचारी भेज दिए हैं। लोग पुराने पुल पर न आए कर्मचारी भेज कर दीवार बनाने के लिए कहा गया है। बाड़ी माजरा का यह पुराना पुल कंडम घोषित था। इसपर आवाजाही पूरी तरह से बंद की हुई थी। -विजय गर्ग, एक्सईएन, दादूपुर डिवीजन।
-विजय गर्ग, एक्सईएन, दादूपुर डिवीजन।
मिट्टी डालकर बंद किया गया बाड़ी माजरा पश्चिमी यमुना नहर का पुल। संवाद
मिट्टी डालकर बंद किया गया बाड़ी माजरा पश्चिमी यमुना नहर का पुल। संवाद