यमुनानगर। जिले का अधिकतम तापमान 29 व न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह ठंड होने से बच्चों के स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ रहा है। छोटे-छोटे बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। नवजात शिशु और बच्चे अधिक संख्या में सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी से ग्रस्त हो रहे हैं। बच्चों में निमोनिया की शिकायत भी देखने को मिल रही है। इस वजह से जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर, उप जिला अस्पताल जगाधरी के अलावा बच्चों के प्राइवेट अस्पतालों में उपचार के लिए बड़ी संख्या में बच्चे पहुंच रहे हैं। अस्पताल की शिशु रोग ओपीडी भी रोजाना 60 से अधिक चल रही है। ओपीडी के बाहर बच्चों का उपचार करवाने के लिए परिजनों की लाइनें लग रही हैं। मौसम के परिवर्तन के कारण इन दिनों बच्चे वायरल और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. संजीव कुमार के अनुसार सर्दियों में श्वसन तंत्र संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं। खासकर छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं में। सर्दी-खांसी जैसे मामूली लक्षणों की अनदेखी करने पर बच्चे निमोनिया की चपेट में आ सकते हैं, जो कि जानलेवा साबित हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति खांसता व छींकता है तो वायरस व बैक्टीरिया सांस से फेफड़ों तक पहुंच कर सामने बैठे व्यक्ति को संक्रमित कर देते हैं। निमोनिया का प्रभाव बच्चों पर ज्यादा होता है। खासतौर पर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में निमोनिया होने पर उन्हें सांस लेने और दूध पीने में दिक्कत होती है।