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मंडियों में पड़े गेहूं बैग का उठान धीमा, धान डालने के लिए फड़ नहीं खाली

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जगाधरी अनाज मंडी में फड़ पर पड़ा गेहूं बैग। - फोटो : Yamuna Nagar
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जगाधरी, सरस्वती नगर, साढौरा, बिलासपुर, छछरौली और रादौर की अनाज मंडियों में अभी पांच लाख गेहूं बैग का स्टॉक पड़ा है। इसका उठान एफसीआई ने करना है। किंतु उठान धीमा होने से फड़ खाली नहीं है। ऐसे में किसानों को मंडी की सड़कों पर धान को डालना पड़ रहा है जिससे उन्हें काफी नुकसान है। जबकि धान कटाई के बाद तेजी से मंडियों में पहुंच रही है। अगर जल्द उठान नहीं हुआ तो किसान व आढ़तियों के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है।
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खाद्य पूर्ति विभाग के मुुताबिक जिला से असम, बिहार, यूपी व अन्य राज्यों में गेहूं की सप्लाई होती है। जैसे-जैसे वहां डिमांड होती है वैसे ही मंडियों से एफसीआई द्वारा उठान भी किया जाता है। लेकिन इसबार डिमांड लेट होने से मंडियों से उठान भी धीमा हुआ। जिसका खामियाजा अब किसान व आढ़तियों को भुगतना पड़ रहा है। चूंकि मंडियों में फड़ खाली न होने से किसान को धान को सड़क पर डालना पड़ रहा है।
छह लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीद का लक्ष्य
इसबार फूड सप्लाई ने छह लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीद का लक्ष्य रखा है। जबकि पिछली सीजन में छह लाख 11 हजार मीट्रिक टन की खरीद हुई थी। वहीं इस बार भी फूड, हेफेड और वेयर हाउस द्वारा मंडियों में आ रही धान की खरीद की जा रही है। 14 अक्तूबर तक सभी 13 मण्डियों में 196871 टन धान की खरीद की जा चुकी है। खरीदे गए धान में ग्रेड ए किस्म का 194874 टन धान, पूसा 1509 किस्म का 1197 टन धान तथा मुच्छल किस्म का 800 टन धान शामिल है।
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जहां-जहां धान तेजी से मंडी में पहुंच रही है। वहां उठान को बढ़ा दिया गया है। प्रतिदिन 50 हजार से अधिक गेहूं बैग का उठान किया जा रहा है। दो-चार दिन में तमाम बैग उठ जाएंगे। किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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- सुरेंद्र धौलरा, डीएफएसई
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