संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नोनी राणा के इनामी दो गैंगस्टर रोमिल व भीम को मुठभेड़ में ढेर करने के बाद तीसरा गैंगस्टर शुभम पंडित भी पुलिस की रडार पर है। पुलिस ने जून में शुभम पंडित को मोस्ट वांटेड घोषित कर उसके फोटो, नाम, पते सहित जगह-जगह पोस्टर लगाए थे और उस पर एक लाख का इनाम भी रखा। इसके बाद भी शुभम पंडित तक पहुंचने में पुलिस नाकाम है।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला वारणसी के गांव साधवगंज का शुभम पंडित यमुनानगर के थाना गांधीनगर क्षेत्र की बैंक कॉलोनी का रहने वाला है। वह थाना रादौर क्षेत्र के गांव खेड़ी लक्खा सिंह में 26 दिसंबर 2024 को हुए तिहरे हत्याकांड में वांछित है। इस दौरान खेड़ी लक्खा सिंह चौकी के पास सुबह आठ बजे बाइक पर आए पांच नकाबपोश बदमाशों ने भाजपा नेता नरेंद्र राणा के चचेरे भाई सहित तीन शराब ठेकेदारों पर अंधाधुंध 60 से ज्यादा गोलियां चलाईं।
घटनास्थल से 56 खोल बरामद हुए हैं। इसमें गोलनी निवासी वीरेंद्र राणा व उत्तर प्रदेश के जिला शामली के गांव मखमूलपुर निवासी पंकज मलिक व उन्हेड़ी निवासी अर्जुन की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन लॉरेंस ग्रुप के गैंगस्टर काला राणा के भाई गैंगस्टर सूर्य प्रताप उर्फ नोनी राणा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल तिहरे हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। मामले में पांच पुलिसकर्मी, दो एसपीओ व दो होमगार्ड के जवान बर्खास्त कर दिए गए थे।
तिहरे हत्याकांड में शामिल शूटरों के मददगार 16 लोगों को एसटीएफ व पुलिस टीमें गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें इसमें मास्टर माइंड सन्नी सलेमपुर के पिता सलेमपुर बांगर निवासी परमजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया था। ऐसे ही गांव ताजेवाला निवासी अरबाज, छछरौली निवासी सचिन हांडा, जठेड़ी निवासी नीरज कुमार, तन्नू व मन्नू व अन्य शामिल हैं।
इन पर आरोप थे कि किसी ने कार उपलब्ध कराई तो किसी ने कपड़े, रुपये व हथियार। कोई शूटरों को कार में लेकर गया। शूटरों में रोमिल वोहरा व शुभम पंडित का नाम आया। इनमें तीन लाख के इनामी गैंगस्टर रोमिल को 24 जून को गुरुग्राम में एसटीएफ ने ढेर कर दिया, पर एक लाख का इनामी शुभम पंडित पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया। उसकी तलाश में एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) व पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
वर्जन-
मामला एसटीएफ के पास है, जो इसकी तफ्तीश कर रही है। मामले से जुड़े आरोपियों गिरफ्तारी के लिए सीआईए की दोनों टीमें भी प्रयास कर रही हैं। - कमलदीप गोयल, एसपी, यमुनानगर।