संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। 50 लाख की रंगदारी न देने पर शराब ठेकेदार गोलनी निवासी रिंकू राणा के शराब ठेके पर फायरिंग करने वालों का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई। न ही पुलिस कुख्यात नोनी राणा को पकड़ पाई। हालांकि मामले को सुलझाने के लिए छप्पर थाना पुलिस, सीआईए समेत पुलिस ने तीन टीमें गठित की गई हैं।
गोलनी निवासी रिंकू राणा का शराब का कारोबार है। उसके हरनौल व खानपुर सर्कल में शराब ठेके है। तीन साल पहले कुख्यात वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा ने उससे शराब ठेके चलाने की एवज पर 20 लाख की रंगदारी मांगी थी। तब उसने रंगदारी देने से मना कर दिया था। इसके बाद कुख्यात काला राणा व उसका भाई कुख्यात नोनी राणा उसे धमकियां दे रहे थे।
बीती 26 दिसंबर को भी खेड़ी लक्खा सिंह में फायरिंग हुई थी। जिसमें रिंक राणा के दोस्त अर्जुन राणा, पंकज मलिक व वीरेंद्र राणा की मौत हो गई थी। उस दिन रिंकू जिम नहीं गया था, इसलिए वह बच गया था। तब नोनी राणा ने ही इस हत्याकांड की जिम्मेवारी ली थी। छह अप्रैल को रिंकू फोन पर एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल कर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
फोन करने वाले ने भी खुद को नोनी राणा बताया। आरोपी ने पैसे न देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इस दौरान मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे उसके हरनौल स्थित शराब ठेके पर आठ राउंड फायर किए गए। गोली शटर में लगी थी। इस केस में पुलिस ने अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज किया था। थाना छप्पर प्रभारी प्रमोद वालिया का कहना है कि मामले को सुलझाने के लिए कई टीमें लगी हुई है। जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।